विभिन्नताओं का हाँ! मैं एक पुँज हूँ…
हाँ! तभी तो मैं भारत माँ का पुत्र हूँ…
सभी पंथ व विचारों का समावेश यहाँ हैं…
उन सब विचारों का मैं तो एक कुँज हूँ…
हाँ! तभी तो मैं भारत माँ का पुत्र हूँ….
मुझसे कर सकता है, हाँ! हर कोई ईर्ष्या…
हिन्दू, मुस्लिम और मुस्लिम, हिंदू समझकर…
सवर्ण, दलित और दलित, सवर्ण समझकर …
तेरा राज्य अलग मेरा राज्य अलग समझकर…
पर मैं बिना ईर्ष्या के सबको प्रेम-संदेश दूँगा…
भाई हैं सब मेरे, सबको भारत माँ का पुत्र कहूँगा….
- राहुल कुमार गुप्त







