ये तो सहनशक्ति की मिसाल है…. कि फूल कुछ नही कहते,
वरना कभी ,कांटों को मसलकर दिखाईये…..
राजनीति पूरा मतलब राज करने की नीति या राज्य चलाने की नीति, फ़र्क़ इतना है आप अपनी जनता का पिता बनकर पालन करते हैं या मालिक बनकर नौकरों जैसा शोषण। राजनीति में सत्य वह नहीं होता, जो जनता को दिखाया जाता है, बल्कि सत्य वह होता है, जो जनता से छुपाया जाता है। बात कडुवी पर सत्य है।
- रॉक







