..भक्त तो केवल हनुमान सा

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भक्तिरस से सिंचित

अलका शुक्ला की कविता


..भक्त तो केवल हनुमान सा
तेज प्रताप कोटि भानु सा।
भक्त तो केवल हनुमान सा।।
राम-राम रोम-रोम में,
आदर्शों का वो भण्डार सा।।
शक्ति अपार बरन न जायी।
रामदूत को अंहकार ना।।
जय-जय जय श्री जय हनुमान।
तुझसा न कोई और महान।।
हर संकट को हरने वाला।
नवग्रहों के मुक्तिदाता।।
लक्ष्मण के तुम जीवनदाता।
अहिरावण के संहारनकर्ता।।
सीता मैय्या के दुःखहर्ता।
भक्तों के संरक्षणकर्ता।।
जय-जय जय श्री जय हनुमान।
तुझसा न कोई और महान।।
तेज प्रताप कोटि भानु सा।
भक्त तो केवल हनुमान सा।।….

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