Share Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Post Views: 528 अगर बरसात में घर का टपकना बंद हो जाए, तो हर एक बूंद में आनंद ही आनंद हो जाए।। तुम्हारे आने का हर लम्हा गर मुकर्रर हो जाए, हमें क्या हर कोई फिर वक्त का पाबंद हो जाए।। वीरेंद्र जैन