व्यंग: स्क्रीन-शॉट लेने पर पाबंदी

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व्यंग: अंशुमाली रस्तोगी

खबर गर्म है कि व्हाट्सएप्प ने ‘स्क्रीन-शॉट’ लेने पर पाबंदी लगा दी है। अब कोई किसी की भी नितांत ‘निजी चैट’ का स्क्रीन-शॉट नहीं ले पाएगा। बाकी किसी के लिए हो या न हो किंतु मेरे लिए यह पाबंदी ‘वरदान’ से कम नहीं। घर में जब कभी मोबाइल छूट जाता था, यही खतरा बना रहता था कि कहीं बीवी मेरा व्हाट्सएप्प खोलकर चैट न पढ़ ले। हालांकि उस चैट में ‘इश्क-फ़्लर्ट या गंदी बात’ जैसा कोई मसला नहीं होता था लेकिन फिर भी बीवी तो बीवी है। कब किस बात को पकड़ पूछताछ कर बैठे, यह तो आज तक ईश्वर भी नहीं जान पाया है।

एक व्हाट्सएप्प ही नहीं, सोशल मीडिया पर स्क्रीन-शॉट के मसले तगड़े हैं। जाने कितने हंसते-खेलते रिश्ते इसकी जद में आकर टूट चुके हैं। कितने ही प्रेमियों ने अपनी प्रेमिकाओं और कितने ही पतियों ने अपनी पत्नियों के आगे कथित स्क्रीन-शॉट्स पर सफाइयां पेश की हैं।

कहना न होगा, स्क्रीन-शॉट्स एक तरह से धमकाने का औजार बन चुके हैं। किसी की किसी से किसी मुद्दे पर ठन जाए फिर देखिए वो उसकी चैट्स के ऐसे-ऐसे नमूने (स्क्रीन-शॉट) पेश करता है, अगले के पैरों तले जमीन ही खिसकने लगती है।

सिर्फ इसी वजह से मैंने सोशल मीडिया पर पराई औरतों से बातचीत करना बंद कर रखा है। न उनकी ‘हाय’ का जवाब देता हूं न ‘बाये’ का। एकदम नूट्रल बना रहता हूं, जैसे मुझे कुछ पता ही नहीं। सही भी है न, इस बवाले-जान से जितना दूर रहो, उतना ही अच्छा।

हालांकि मुझे बदनामियों का डर नहीं पर जब तक बचा रहूं, अच्छा है।

मैंने देखा है, दुनियाभर की प्रेम-कहानियां व्हाट्सएप्प पर ही चला रही हैं। किसी जमाने में प्यार का पहला खत फिजिकल मोड में लिखा जाता था, अब डिजिटल मोड में लिखा जा रहा है। यह खोज का विषय बना सकता है कि अब तक कितनी तरह के डिजिटल प्रेम-पत्र व्हाट्सएप्प पर लिखे जा चुके हैं।

कई दफा मन मेरा भी करता है कि मैं भी व्हाट्सएप्प पर अपनी प्रेम कहानी चलाऊं। लेकिन फिर बीवी का ख्याल आते ही कदम वापस खींच लेता हूं। शादी-शुदा मर्द की यही तो सबसे बड़ी समस्या कि वो प्रेम तक अपनी मर्जी का नहीं कर सकता।

हो सकता है, व्हाट्सएप्प ने स्क्रीन-शॉट को बंद करने का फैसला हम शादी-शुदा मर्दों की इज्जत को संज्ञान में लेते हुए ही लिया हो। मेरे विचार में तो स्मार्टफोन से स्क्रीन-शॉट लेने का फीचर ही खत्म कर देना चाहिए। न रहेगा सांप न टूटेगी लाठी।

चैट-बॉक्स की स्थिति भी लगभग स्क्रीन-शॉट जैसी ही है। वहां भी किसी से ऐसी-वैसी बात क्या कर लो, अगला झट से स्क्रीन-शॉट पेल देता है। लोग भी अजीब हैं सही चीज का गलत इस्तेमाल खूब कर लेते हैं।

लेकिन कुछ ऐसे भी हैं, जिन्हें जो करना है वो करते हैं। उनकी सेहत पर स्क्रीन-शॉट लेने या न लेने से खास फर्क नहीं पड़ता। उनकी अपनी अलग ही दुनिया होती है, जिसमें वे खुश और मस्त रहते हैं।

सही भी है न इन छोटी-छोटी बातों और मसलों में अगर उलझे रहेंगे तो जी ली जिंदगी। दरअसल, स्क्रीन-शॉट तो बहाना है असली मकसद तो दिल का गुबार निकालना है।

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