पकौड़े ही बिकवा लो गुरुजी!

0

समय की बात है, एक बेसन कारोबारी था। उसके तीन बेटे थे-एक बेटा बहुत होशियार था, आईआईटी, आईआईएम से पढ़कर एमबीए हो गया और फिर आईएएस। एक बहुत ही लफंडर टाइप था, सो नेता बनकर मंत्री बन गया। एक बेटा मस्त मौला था। कुछ करता-धरता न था, एक दिन बाप ने उसे ताना दिया-काबिल बच्चा हो तो इस बेसन की बोरी से भी दुनिया को कब्जा करने का इंतजाम कर सकता है। वह बेटा इस बात को दिल पर ले गया। उसने बोरी से बेसन निकाला। पकौड़े बनवाएं-उन्हें नाम दिया इथनिक पकौड़े। तीसरे बेटे ने पकौड़ों का ठेला वहां लगाया, जहां तमाम टीवी चैनल थे। एक टीवी पत्रकार ने एक दिन पकौड़ेवाले से उसकी कमाई पूछी, तो पत्रकार हिल गया।

टीवी पत्रकार जितने साल में कमाता था, उतने तो पकौड़ेवाला महीने में कमाता था। टीवी पत्रकार ने कालोबोरेशन किया पकौड़ेवाले से और पूरा खेल समझाया। कुछ दिनों में पकौड़ेश्वर बाबा के पोस्टर लग लिए पूरे शहर में। पकौड़ेश्वर बाबा टीवी पर आ लिए, फिर पकौड़ों का ठेला राष्ट्रीय हो लिया। पकौड़ेश्वर बाबा के प्रताप से इथनिक पकौड़े ऐसे चले कि धुआं मच गया। इथनिक पकौड़ेवाले ने अपने आईएएस भाई से पूछा-बता ईमानदारी से तू कितना कमा पाता है।

आईएएस ने जो सेलरी बताई-उसे सुनकर इथनिक पकौड़ेवाले ने कहा-तू मेरी पकौड़ा कंपनी का सीईओ बन जा, उससे ज्यादा कमा लेगा। आईएएस नौकरी में परेशान था, क्योंकि उसका मंत्री हर महीने से उससे मोटी रकम की मांग करता था। आईएएस पकौड़ा कंपनी का सीईओ बन लिया। कंपनी की कमाई बहुत बढ़ गई तो इथनिक पकौड़े के मंत्री भाई ने कहा-भाई कुछ चंदा चिट्टा इधर भी दिया कर, तो पकौड़े को राष्ट्रीय खाद्य बनाने की दिशा में कुछ कैंपेन चलाएं।

कुछ समय बाद इथनिक पकौड़ा कंपनी के मालिक का अपने परिवार में, अपने समाज में विकट जलवा हो गया। रामलीला से लेकर सन्नी लियोनी नाइट तक के लिए पकौड़ा कंपनी से चंदा जाने लगा। इस तरह से पकौड़ा कारोबारी चतुर्दिक लोकप्रिय हुआ और उसके आईएएस भाई और मंत्री भाई हाथ बांधकर उसकी दरबानी टाइप करने लगे। शिक्षा-इस कहानी से शिक्षा मिलती है कि पकौड़े से पूरा साम्राज्य खड़ा किया जा सकता है।

  • आलोक

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here