Share Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Post Views: 489 लतीयाएं वे जा रहे हैं, जो सज्जन घन घनघोर। ऊँचे उनके भाव हैं, जो है डाकू चोर।। जो है डाकू चोर, वही घर के रखवाले, अंधियारे की मौज, तड़पते फिरै उजाले, जिनकी टेढ़ी चाल, वही अब पूजा जाएं। जो है सज्जन घन घोर, वही जाएं लतीयाएं।। -सीएम त्रिपाठी
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