
भक्तिरस से सिंचित
अलका शुक्ला की कविता
साई नाम से हो सुबह साई नाम से रात।
साई नाम की ऊर्जा बने मेरा भी आधार।।
साई के चरणों से धन्य है शिरडी धाम।
दिल से जो साई पुकारे उसे दर्शन मिलते हैं साक्षात।
भक्तों के संकट को साई हरते हैं तत्काल।।
साई नाम साई नाम बस साई नाम की गूँज रहे।
साई तेरे नाम से होते हैं हर काम आसान।।
शिरडीवासी जय साई-जय साई लोकहितकारी जय साई-जय साई।
मंगल करते जय साई-जय साई संकट हरते जय साई-जय साई।।
जय साई-जय साई जय साई-जय साई …….
साई नाम से हो सुबह साई नाम से रात।
साई नाम की ऊर्जा बने मेरा भी आधार।।







