नववर्ष में बाल कलाकारों ने भक्तिमय नृत्य नाटिका किया मंचन 

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गीता परिवार ने 19वां प्रचलित नववर्ष मनाया
लखनऊ, 31 दिसम्बर 2018: गीता परिवार ने कल्याणकारी आश्रम, श्रीदुर्गाजी मन्दिर, शास्त्रीनगर, लखनऊ में 19वां प्रचलित नववर्ष उत्सव भक्तिमय वातावरण के मध्य मनाया गया। नववर्ष उत्सव में शहर के तमाम बाल संस्कार केन्द्रों के लगभग 100 बालक-बालिकाओं ने चार घंटे तक भगवद्भक्ति के रंग, भगवद्गीता की सुगंध, मां भारती की प्रति प्रेमभाव, विज्ञानदृष्टि व स्वामी विवेकानन्द के आदर्शों पर आधारित अनेक नृत्य एवं नाटिकाओं की प्रस्तुतियां प्रचलित नववर्ष की पूर्व संध्या पर प्रस्तुत कर किया। इसके साथ ही शौर्य संस्कार के प्रतीक हनुमानजी की शक्ति के प्रात्यक्षिक से पूर्ण संगीतमय सुन्दरकाण्ड का पाठ आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आगाज बालक-बालिकाओं ने गणेश वन्दना से किया। इस प्रस्तुति के उपरान्त आकर्षक भावपूर्ण अभिनय युक्त नृत्य नाटक प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बाल कलाकारों ने शिव स्तुति बम-बम बोले पर नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को भगवान शिव शंकर के शान्त व रौद्र रूप के दर्शन करवाएं।
युवा कलाकारों ने भक्ति भावना से ओतप्रोत अधरं मधुरम्… और राधा कैसे न जले गीत पर आकर्षक नृत्य पेश कर लोगों को मन मोहा। मन को मोह लेने वाली प्रस्तुति के उपरान्त संगीतमय सुन्दरकाण्ड का पाठ कर भक्ति की रसधारा प्रवाहित हुई।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि महापौर संयुक्ता भाटिया, समाजसेवी सुधीर शंकर हलवासिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गीता परिवार डा. आशु गोयल ने दीप प्रज्ज्वलन करके किया। राजेन्द्र गोयल, संरक्षक गीता परिवार, डा. सुधीर तिवारी ने मुख्य अतिथियों का स्वागत स्मृति चिन्ह प्रदान करके किया।
डॉ. आशु गोयल ने नववर्ष के उपलक्ष्य पर सभी को शुभाकामानाएं और पूज्य स्वामीजी प्रदत्त सूत्रवाक्य गीता पढ़े, पढ़ाएं, जीवन में लाए को जीवन में निन्तर दृढ़ करने की प्रेरणा दी। इसके साथ ही प्रकाशोत्सव के साथ नववर्ष का स्वागत, राष्ट्रसेवा के लिए कुछ समय देने का संकल्प दिलाया गया। सम्पूर्ण कार्यक्रम संयोजन अरविन्द शर्मा, अनुराग पाण्डेय, शिवेन्द्र मिश्र ने किया। कार्यक्रम का संचालन कविता वर्मा ने किया। अंत में उत्कृष्ट कार्यां के लिए बच्चों व कार्यकर्ताओं को पुरस्कृत किया गया।

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