नई दिल्ली 08 जनवरी 2018। सोहना के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में छात्र की हत्या के बाद स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गाइडलाइन बनाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा की सुनवाई करते हुए राज्य सरकारों और केन्द्र शासित प्रदेशों से 19 जनवरी तक बच्चों की सुरक्षा को लेकर अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
इस मामले में अब तक केवल हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक सरकार ने ही जवाब दाखिल किए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 23 जनवरी को मामले की अगली सुनवाई करेगा। वहीं निजी स्कूलों कि तरफ से कोर्ट में कहा गया कि निजी स्कूलों की लिए तो गाइडलाइन है, लेकिन सरकारी स्कूलों के लिए कोई गाउड लाइन नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आपको जो कहना है 23 जनवरी को मामले की सुनवाई के दौरान कहिए।

पिछली सुनवाई में नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल फेडरेशन ऑफ़ इंडिया और इंडिपेंडेंट स्कूल ऑफ़ फेडरेशन ऑफ़ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर इस मामले में पक्ष बनाने की मांग की थी। स्कूल फेडरेशन का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का इस मामले कोई भी आदेश आएगा उससे वे प्रभावित होंगे, ऐसे में उनका पक्ष भी सुना जाना चाहिए। वहीं इस मामले में केंद्र सरकार ने कहा कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर पहले से पर्याप्त गाइड लाइन है।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट छात्र के पिता, वक़ील आभा शर्मा व अन्य वकीलों की तरफ से दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रहा है। इस याचिका में कहा गया है कि रेयॉन की घटना के बाद से देश भर के अभिभावकों में डर का माहौल है। बच्चों की सुरक्षा के लिए जो नीति तैयार की गई है, ज्यादातर स्कूल उसका पालन नहीं करते। सुप्रीम कोर्ट आदेश जारी करे कि इनका सही तरह से पालन हो। इसके अलावा देश भर में बच्चो की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त गाइडलाइन बनाई जाए। याचिका में यह भी कहा गया है कि जो पहले से ही जो दिशा निर्देश बनाए गए है। कोई स्कूल अगर उनका पालन नहीं करेगा तो उस स्कूल का लाइसेंस रद्द किया जाना चाहिए।






