Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, May 20
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»festival

    भारत की वैज्ञानिक काल गणना

    ShagunBy ShagunApril 13, 2021 festival No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 821
    • डॉ दिलीप अग्निहोत्री

    भारतीय काल गणना आधुनिक खगोल विज्ञान के लिए भी चमत्कार से कम नहीं। क्योंकि इसका अविष्कार उस समय हुआ था जब दुनिया में अन्यत्र मानव सभ्यता नहीं थी। इसकाल आंकलन ईसापूर्व जैसी परिधि में संभव ही नहीं है। यह काल गणना पृथ्वी के प्रादुर्भाव से प्रारंभ होती है। यह शाश्वत है, चारों युग समाप्त होंगे, नए युगों का चक्र प्रारंभ होगा, लेकिन यह काल गणना तब भी इसी गति से चलती रहेगी। इसमें एक पल का भी अंतर नहीं आएगा।

    दुनिया की सर्वाधिक प्राचीन व वैज्ञानिक काल गणना का अविष्कार भारत में हुआ था। इसमें समय के न्यूनतम अंश का भी समावेश है। प्रलय के बाद भी यह काल गणना निरन्तर जारी रहेगी, प्रासंगिक रहेगी। इसके नव वर्ष में प्रकृति भी नए रूप में परिलक्षित होती है। यह संधिकाल आध्यात्मिक ऊर्जा को प्राप्त करने का अवसर होता है। इसमें पाश्चात्य नव वर्ष की तरह देर रात का हंगामा नहीं होता।

    भारतीय काल गणना में परमाणु से लेकर कल्प तक का विचार है। इसलिए यह पूर्णतया वैज्ञानिक है। भारतीय नव वर्ष का प्रथम दिन अपने में व्यापक सन्देश देने वाला होता है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को ही पृथ्वी माता का प्रादुर्भाव हुआ। इसी के साथ ब्रह्मा जी ने काल गणना का श्री गणेश किया। नवरात्रि का प्रथम दिवस मत्स्यावतार,प्रभु श्री राम का राज्याभिषेक,धर्म राज युधिष्ठिर का राज्य तिलक इसी दिन हुआ था। यह सभी अवसर भारतीय संस्कृति को समृद्ध बनाने वाले है।

    पृथ्वी के प्रादुर्भाव के एक अरब सत्तानबे करोड़ उनतीस लाख उनचास हजार एक सौ बाइस वर्ष हो चुके है। इस अवधि में एक पल का भी अंतर नहीं हुआ है। यह भारतीय वैज्ञानिक काल गणना कि विशेषता है। इसकी बराबरी के विषय में दुनिया की अन्य काल गणना कल्पना भी नहीं कर सकती। ईसा पूर्व और ईसा बाद का प्रचलन तथ्य परक नहीं है। प्राचीन भारत के गुरुकुल अनुसन्धान के केंद्र हुआ करते थे।

    कालगणना में क्रमश: प्रहर, दिन-रात, पक्ष, अयन,संवत्सर, दिव्यवर्ष,मन्वन्तर, युग, कल्प और ब्रह्मा की गणना की जाती है।

    हमारे ऋषियों ने चक्रीय अवधारणा का सुंदर वर्णन किया। काल को कल्प,मन्वंतर,युग में विभाजित किया। चार युग बताए। सतयुग, त्रेता,द्वापर और कलियुग। इनकी चक्रीय व्यवस्था चलती है। अर्थात ये शाश्वत रूप से आते जाते है। इसकी पुनरावृत्ति होती रहती है।

    इसके अनुरूप इस समय ब्रह्मा की आयु के दूसरे खंड में,श्वेतावाराह कल्प में,वैवस्वत मन्वंर में अट्ठाईसवां कलियुग चल रहा है। इस कलियुग की समाप्ति के पश्चात चक्रीय नियम में पुन: सतयुग आएगा।

    भारतीय नव नववर्ष की मंगलकामना

    Shagun

    Keep Reading

    Declare the Cow the National Animal, Grant the Bull Industrial Status! Arshad Khan's Sensational Letter to PM Modi

    गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करो, बैल को उद्योग का दर्जा! अरशद खान का पीएम मोदी को सनसनीखेज पत्र

    Dr. Hariom Registers His Home on the 'Swagana' Portal; Complete Your Appeal by May 21.

    डॉ. हरिओम ने किया स्वगणना पोर्टल पर घर का रजिस्ट्रेशन, 21 मई तक पूरा करें अपील

    Orange Alert for Severe Heat in UP; Yogi Says: Administration Must Remain on High Alert

    यूपी में भीषण गर्मी का ऑरेंज अलर्ट, योगी बोले – प्रशासन अलर्ट मोड पर रहे

    Two High-Profile Incidents in Uttar Pradesh: Beheaded Body and Burning Bus

    उत्तर प्रदेश में दो हाई प्रोफाइल घटनाएं: सिर कटी लाश और जलती बस

    Does the government not want the youth to pursue their studies? Storyteller Aniruddhacharya launches a scathing attack over the NEET paper leak.

    सरकार युवाओं को पढ़ने नहीं देना चाहती? कथावाचक अनिरुद्धचार्य का NEET लीक पर तीखा हमला

    Premature Death—Gleefully Mocking Road Accidents—and Our Collective Consciousness!

    सड़क हादसों पर अट्टाहस करती अकाल मृत्यु और हमारी सामूहिक चेतना!

    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Declare the Cow the National Animal, Grant the Bull Industrial Status! Arshad Khan's Sensational Letter to PM Modi

    गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करो, बैल को उद्योग का दर्जा! अरशद खान का पीएम मोदी को सनसनीखेज पत्र

    May 20, 2026
    A Golden Opportunity for a Job at Maruti Suzuki! Major Campus Placement Drive in Lucknow on May 21–22.

    मारुति सुजुकी में नौकरी का सुनहरा मौका! 21-22 मई को लखनऊ में बड़ा कैंपस प्लेसमेंट

    May 19, 2026
    Dr. Hariom Registers His Home on the 'Swagana' Portal; Complete Your Appeal by May 21.

    डॉ. हरिओम ने किया स्वगणना पोर्टल पर घर का रजिस्ट्रेशन, 21 मई तक पूरा करें अपील

    May 19, 2026
    Orange Alert for Severe Heat in UP; Yogi Says: Administration Must Remain on High Alert

    यूपी में भीषण गर्मी का ऑरेंज अलर्ट, योगी बोले – प्रशासन अलर्ट मोड पर रहे

    May 19, 2026
    Ceasefire Dispute: US Tightens the Squeeze on Iran! 31 Oil Tankers Turned Away; Oil Exports Halted Due to Blockade.

    अमेरिका-ईरान शांति के लिए 5 सख्त शर्तें: कोई मुआवजा नहीं, यूरेनियम सौंपो

    May 19, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading