कुछ लोगों में दूसरों की सुरक्षा को लेकर कितनी संवेदना होती है इसका एक जीता जागता उदाहरण एक बार फिर देखने को मिला जब सुबह ओमवती खेत पर काम करने जा रही थीं और तभी जो उन्होंने देखा तो उनके होश उड़ गए उसके बाद उन्होंने अपनी सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टाल दिया। घटना एटा के अबागढ़ ब्लॉक के गुलरिया गांव के समीप की है। जहाँ पैसेंजर ट्रेन एटा से टूण्डला जा रही थी।

रिपोर्ट के अनुसार श्रीमती ओमवती सुबह खेत पर काम करने जा रही थीं तभी ट्रैक पार करते समय उनकी नजर अचानक टूटी पटरी पर पड़ गई। बताया जाता है कि ट्रेन आने वाली थी, तभी इन्होंने समझदारी दिखाते हुए अपनी लाल रंग की साड़ी को लकड़ियों की मदद से ट्रैक पर बांध कर खड़ा कर दिया। जिससे एक रेड सिग्नल का सिम्बल बन गया, जिसे पायलट ने देखकर इमरजेंसी ब्रेक लगाए और बड़ा हादसा टल गया।
इस मामले में अनिल कुमार सिंह पीआरओ उत्तर मध्य प्रयागराज ने मीडिया से बातचीत में कहा कि एटा – टूण्डला ट्रैक की पटरी टूट गयी थी, मरम्मत के कारण ट्रेन आधे घंटे लेट चली।
इस मामले में यह कहा जा रहा है कि टूटी पटरी देखकर श्रीमती ओमवती देवी वापस घर भागी, लाल रंग का कपड़ा लाकर पटरी पर बांधा, फिर अपनी लाल रंग की साड़ी लहराई, जिसे पायलट ने देखकर इमरजेंसी ब्रेक लगाए और पटरी ठीक हुई तब 30 मिनट बाद ट्रेन रवाना हुई। इससे बड़ा हादसा टल गया। इस मामले में ओमवती के पुत्र धर्मेंद्र ने भी उनका बहुत साथ दिया।
महिला को पुरस्कृत करने की उठी मांग :
सोशल मीडिया पर ओमवती के साहस की लोग बड़ी सराहना कर रहे हैं ट्विटर पर एससी जैन लिखते हैं कि एटा से टूण्डला पैसेंजर ट्रेन को पटरी के टूटे होने के कारण एक बड़े एक्सीडेंट होने से बचाने वाली महिला को पुरस्कृत किया जाना चाहिए। हाल्ट स्टेशन कुसबा के निकट, गुलरिया निवासी ओमवती ने बिना देर किए अपनी सूझबूझ से लाल साड़ी की मदद से तत्काल ट्रेन रोकने में सफल रही है।
ट्विटर पर सुरेंद्र लिखते हैं कि ऐसी घटनाओं की कहानियों को पाठ्यक्रम में भी रखा जाना चाहिए।







