गिरफ्तार तांत्रिक असद ने बताया मासूमों की नरबलि के पीछे छिपा था तंत्र का काला जाल!
लखनऊ, 15 जुलाई: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सरधना धाना इलाके में एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है, जहां तांत्रिक असद ने तंत्र सिद्धि की सनक में दो मासूम बच्चों, रिहान (11) और उवैस (14) की बेरहमी से हत्या कर दी। यह खौफनाक कहानी यहीं खत्म नहीं होती! पुलिस की जांच में पता चला कि असद की नजर तीसरे बच्चे पर थी, जिसे वह सावन के पहले शुक्रवार को नरबलि देने की साजिश रच रहा था! यह घटना आज अक्षय कुमार की फिल्म संघर्ष की याद दिला गयी जिसमें आशुतोष राणा ने खतरनाक तांत्रिक का रोल निभाया था।
मासूमों की बलि और तंत्र का काला खेल
पुलिस के अनुसार, नवाबगढ़ी गांव में तांत्रिक असद ने गुरुवार को पड़ोसी उवैस को घर से बुलाकर रस्सी से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव को एक जर्जर मकान में फेंक दिया। जांच में खुलासा हुआ कि तीन महीने पहले भी उसने गांव के ही रिहान को अगवा कर उसी तरह बेरहमी से मार डाला था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने रिहान के कपड़े और शव के अवशेष बरामद किए। असद ने स्वीकार किया कि उसने तंत्र क्रिया के लिए दोनों बच्चों की नरबलि दी।
तीसरी वारदात की थी पूरी तैयारी
ग्रामीणों के मुताबिक, असद की सनक यहीं नहीं रुकी थी। उसने अगले गुरुवार को एक और मासूम की बलि देने की योजना बनाई थी, जो अपने माता-पिता की इकलौती संतान है। वह उस बच्चे की हर गतिविधि पर नजर रख रहा था और सावन के पहले शुक्रवार को, जिसे तांत्रिक क्रियाओं के लिए प्रभावशाली माना जाता है, हत्या की साजिश रच रहा था।
पुलिस पर फायरिंग, तांत्रिक गिरोह का शक
शनिवार देर रात, जब पुलिस असद को साक्ष्य जुटाने के लिए नगला ऑर्डर गांव के जंगल में ले गई, तो उसने झाड़ियों में छिपाए तमंचे से पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली से असद दोनों पैरों में घायल हो गया। पुलिस ने उसकी डायरी, मोबाइल और फोटोग्राफ जब्त किए, जिनसे यह संदेह गहरा गया है कि वह किसी संगठित तांत्रिक गिरोह से जुड़ा हो सकता है।
परिवार भी साजिश में शामिल
हैरानी की बात यह है कि असद का अकेले नहीं, बल्कि उसके पिता इकरामुद्दीन और भाइयों आसिफ, आरिफ, और जुबैर को भी हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस की लापरवाही भी उजागर
उवैस के अपहरण और फिरौती की ऑडियो सामने आने के बावजूद पुलिस ने इसे शुरू में गुमशुदगी का मामला मानकर जांच को गंभीरता से नहीं लिया। इस लापरवाही ने ग्रामीणों में गुस्सा पैदा कर दिया है। क्षेत्र में दहशत, सवालों के घेरे में तंत्र का काला कारोबार इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।
ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, और लोग अब तांत्रिक गतिविधियों पर सवाल उठा रहे हैं। क्या असद अकेले इस खौफनाक साजिश को अंजाम दे रहा था, या इसके पीछे कोई बड़ा तांत्रिक नेटवर्क है? पुलिस इस रहस्य को सुलझाने में जुटी है, लेकिन मासूमों की नरबलि की यह घटना समाज में तंत्र-मंत्र के नाम पर चल रहे काले कारोबार पर गंभीर सवाल खड़े करती है।







