सोनम गुप्ता की बेवफाई और प्रिया प्रकाश का आंख मट्टका

0
1108

व्यंग्य: अंशुमाली रस्तोगी

पिछले दिनों सोशल मीडिया पर जितनी शिद्दत के साथ सोनम गुप्ता को बेवफा माना गया, मुझे बहुत खराब लगा। बिना जाने, न पहचाने, न देखे किसी को बेवफा होने का तमगा दे देना ठीक नहीं। हां, यह सही है कि इश्क का इतिहास तमाम तरह की बेवाफाईयों से भरा पड़ा है। पर उनकी की भी कोई न कोई मजबूरियां तो रही होंगी। यों ही कोई बेवफा न हो जाता।

महज एक दस रुपये के नोट पर ‘सोनम गुप्ता बेवफा है’ लिख देने भर से हम उसकी बेवफाई को जस्टिफाई नहीं कर सकते। मेरी सांत्वना सोनम गुप्ता के साथ है। और हमेशा रहेगी।

बेशक, सोनम गुप्ता सोशल मीडिया की सनसनी थी मगर वो इसके लिए नहीं बनी थी। क्या मालूम उसे बेवफा साबित करने में किसी विदेशी मीडिया का हाथ रहा हो! क्या मालूम यह कुछ प्यार में विकट धोखा खाए आशिकों की साजिश हो! क्या मालूम दुनिया की फिरकी लेने के लिए बैंक के किसी छोटे-मोटे कर्मचारी ने नोट पर ‘सोनम गुप्ता बेवफा है’ लिख दिया हो! कुछ भी हो सकता है। होने पर किसी का जोर नहीं।

वैसे, सोशल मीडिया की सनसनी के खेल बड़े अजीब हैं। अभी हम सोनम गुप्ता की बेवफाई के कांड से पूरी तरह मुक्त हो भी न पाए थे कि अब प्रिया प्रकाश वारियर का आंख मट्टका आजकल गजब ढाहे हुआ है। प्रिया अभिनीत मलयाली फ़िल्म ‘ओरू अदार लव’ के एक टीजर ने सोशल मीडिया पर कोहराम मचा कर रख दिया है। खबर है, इस टीजर को अभी तक 1.50 करोड़ बार देखा जा चुका है।

पहली दफा देखकर तो मैं भी उसकी मोहक अदा पर मोहित हो लिया था। इतनी नजाकत और नफासत के साथ एक लड़की एक लड़के को आंख मारे और वो गश खाकर न गिर पड़े तो उसका इंसान होना ही बेकार है। बड़े ही नसीब वाले होते हैं वे जिन्हें ऐसे नयन-मट्टका में डूबने-उतरने का मौका मिलता है। मुझे कभी नहीं मिला। इस बात का अफसोस मुझे बचपन से है।

कहिए कुछ भी पर आंख मारने की अदा होती लड़कियों के पास ही है। लड़का चाहे कितने ही एंगल से आंख मार ले या अपनी आंख ही निकालकर बाहर रख दे फिर भी वो फील आ ही नहीं पाएगी।

मेरा निजी मत है कि प्रिया प्रकाश जैसी लड़कियों को ऐसे ‘ऑसम नयन मट्टकों’ के लिए आगे आना चाहिए। सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बेतुकी चीजें सनसनी बनती रहती हैं, इन सन सब के बीच प्रिया प्रकाश अगर सनसनी बनती है तो यह देखना बेहद सुखद लगता है। यह भी एक अदा है अपने प्रेम या दिलचस्पी को जाहिर करने की।

सुना है, कुछ लोग उससे नाराज भी हैं। कुछ भावनाओं के आहत होने का मसला है। उफ्फ! ये भावनाएं भी।

पर प्रिया के आंख मट्टके में वो दम है जो आहत भावनाओं को भी पिघला सकता है।