लखनऊ, 11 अप्रैल। बीबीएयू के छात्रों ने की लखनऊ में सत्र 2018-19 प्रवेश परीक्षा को स्वतंत्र निकाय और ऑनलाइन एंव ऑफलाइन परीक्षा कराने की मांग की हैं छात्रों का कहना हैं कि विगत 2 वर्षों में प्रवेश परीक्षा एक बार में संपन्न नही हो पाई है दोनों वर्षों में परीक्षा दो बार में समन्न कराई गयी और पिछले वर्ष परीक्षार्थियों द्वारा प्रश्न-पत्र को लेकर काफी सवाल खड़े किये गए है।
छात्रों का कहना हैं कि पिछले वर्ष में प्रो. विपिन सक्सेना और प्रो. आर ए खान के पास प्रवेश परीक्षा का गुप्त कार्य था प्रो विपिन सक्सेना पर अभी भी केस चल रहा है। उनका कहना है कि दूसरे प्रो. पर पिछले वर्ष एम.फिल./पीएचडी की सीटों की खरीद फरोख्त का भी इल्जाम लगाया गया था। अत: इस बार भी प्रवेश परीक्षा संदेह के घेरे में है?
छात्रों का कहना हैं कि पिछले वर्ष जिन छात्राओ को सिटिंग प्लान की जिम्मेदारी दी गयी थी वे छात्राएं खुद पीएचडी की परीक्षा दे रही थी जिससे प्रवेश परीक्षा पर संदेह उत्तप्न्न होता है। उन्होंने कहा कि यदि विवि प्रशासन हमारी मांगों पर गौर नहीं करता है हम प्रवेश परीक्षा का विरोध करने के लिए बाध्य होंगे ।
छात्रों की प्रमुख मांगे:
- प्रवेश परीक्षा किसी स्वतंत्र निकाय से संपन्न करायी जाएं।
- प्रवेश परीक्षा ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों में संपन्न करायी जाएं।
- प्रवेश परीक्षा के प्रश्न-पत्र हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषा में हों।







