मुंबई। यूनिसेफ इंडिया के राष्ट्रीय एम्बेसडर अभिनेता आयुष्मान खुराना ने महाराष्ट्र के जालना में सीजनल माइग्रेशन से प्रभावित बच्चों और परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने किनशिप और कम्युनिटी केयर कार्यक्रम के जरिए सुरक्षित बचपन का संदेश दिया।
परिवार और समुदाय की गोद में बच्चों का भविष्य
यूनिसेफ समर्थित इस पहल के तहत बच्चों को परिवार और समुदाय के संरक्षण में रखते हुए उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और मानसिक सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। आयुष्मान खुराना ने कहा, “किसी भी बच्चे को अपनी परिस्थितियों के कारण अपना बचपन नहीं खोना चाहिए। किनशिप केयर केवल सुरक्षित घर नहीं देता, बल्कि रिश्तों को बनाए रखता है, आत्मविश्वास लौटाता है और बेहतर भविष्य की उम्मीद देता है।”
युवाओं और परिवारों से संवाद
खुराना ने युवा वालंटियरों, बालमित्रों, किशोरियों और परिवारों से बातचीत कर जमीनी बदलाव को समझा। उन्होंने 18 वर्षीय शिल्पा का उदाहरण देते हुए कहा कि लड़कियों के सपने पूरे हो सकते हैं, जब बच्चे शिक्षित, स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण में बड़े होते हैं।
यूनिसेफ का रुख
यूनिसेफ के कार्यवाहक प्रतिनिधि जेस्पर मोलर ने कहा, “बच्चों के खिलाफ हिंसा रोकी जा सकती है। हमें ऐसी प्रणालियों को मजबूत करना होगा, जो जोखिमों की पहचान कर परिवारों को जरूरी सेवाओं से जोड़ें।”
जालना में 2024-25 के दौरान 5,800 से अधिक बच्चे किनशिप केयर में बने रहे। यह पहल शिक्षा से जुड़े रहने के साथ बाल मजदूरी और बाल विवाह जैसे जोखिमों को कम करने में मदद कर रही है।







