लखनऊ, 10 मई। सहारनपुर में हुए भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल वालिया के भाई सचिन वालिया की हत्या के विरोध में आज बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ में बहुजन छात्र संगठन अम्बेडकर यूनिवर्सिटी दलित स्टूडेंट्स यूनियन (AUDSU) ने पुतला दहन कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। और सचिन वालिया के लिए इन्साफ माँगा।
हत्या के विरोध में बाहरी सदस्यों ने समर्थन देते हुए सचिन वालिया के न्याय के लिए आवाज बुलंद की। जिसमे महेश कुशवाहा (बामसेफ), मनोज यादव एंव कुलदीव जनुवादी (सामजिक न्याय मोर्चा), डॉ अनूप पटेल( JNU), एडवोकेट सुधीर गौतम, एडवोकेट रूपेश कुमार, डॉ अजय कुमार (आजाद इंस्टिट्यूट, लखनऊ) और अम्बेडकर यूनिवर्सिटी दलित स्टूडेंट्स यूनियन के सैकङो छात्रो ने विरोध दर्ज कराते हुए न्याय मांगा है।

AUDSU के सदस्यों ने कहा है कि 2 अप्रैल के भारत बंद के दिन से सामन्तवादी और जातिवादी ताकतों के द्वारा बहुजन एकता को डराने और भयभीत करने का जो सिलसिला सरकार के संरक्षण में किया जा रहा है, वह बहुत निंदनीय कृत्य है।
AUDSU के सदस्यों ने कहा कि 2 अप्रैल के भारत बंद को देखकर सामन्तवादी मानसिकता के लोगों में बौखलाहट पैदा हो गई है कि कैसे बहुजन समाज संविधान की बदौलत आज इतने संगठित और प्रगतिशील हो गए हैं। क्योंकि भारत बन्द आंदोलन में भाग लेने वाला कोई राजनैतिक पृष्ठभूमि से नही था बल्कि यह देश भर के वह बहुजन लोग थे जो इंजीनियर हैं, डॉक्टर है, प्रोफेसर हैं, प्रथम द्वितीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी व अधिजारियों ने अपनी अंतरात्मा की आवाज पर आंदोलन में भाग लिया था।
AUDSU सदस्यों ने प्रदेश सरकार की जातिगत मानसिकता से प्रेरित कार्यप्रणाली की जमकर भर्त्सना की है क्योंकि प्रदेश सरकार शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे लोगों के ऊपर झूठे आरोप लगाकर उन्हें जेल में डाल रही है और जो जातिवादी लोग दंगा और हत्याएं कर रहे हैं उन्हें किसी पुलिस प्रशासन का डर नही है, वह खुलेआम घूम रहे हैं।







