स्मार्ट मीटर vs जनता: खुली लूट का विरोध
लखनऊ, 03 मई 2026: उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर योजना को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने जोरदार मोर्चा खोल दिया है। पार्टी का आरोप है कि “स्मार्ट मीटर” अब जनता की जेब काटने वाले “स्मार्ट चीटर” बन गए हैं। राज्यसभा सांसद संजय सिंह के आह्वान पर शनिवार को प्रदेश के दर्जनों जिलों में जिला विद्युत उपकेंद्रों पर प्रदर्शन हुए। लखनऊ में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई, जिसमें कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।
“रिचार्ज के बाद भी घंटों बिजली नहीं” – विनय पटेल
अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था को पूरी तरह फेल बताया। उन्होंने कहा, “मीटर इतने स्मार्ट हो गए हैं कि बैलेंस खत्म होते ही तुरंत बिजली काट देते हैं, लेकिन रिचार्ज करने के बाद भी 10-12 घंटे तक बिजली नहीं आती। यह न सिर्फ तकनीकी विफलता है, बल्कि जनता के साथ आर्थिक शोषण है।”
पटेल ने आंकड़े देते हुए बताया कि प्रदेश में अब तक 78-80 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें करीब 70 लाख प्रीपेड मीटर हैं। पहले ₹1500 तक का बिल आने वाले उपभोक्ताओं को अब ₹6000-7000 तक का बिल आ रहा है।
किसानों की नई मुसीबत: 4G स्मार्ट मीटर
लखनऊ जिलाध्यक्ष इरम रिज़वी ने नलकूपों पर लगाए जा रहे 4G स्मार्ट मीटर को किसानों के लिए नई आफत बताया। उन्होंने कहा, “नेटवर्क की समस्या से मीटर ठीक से काम नहीं कर रहे, लेकिन बिल लगातार बढ़ रहे हैं। सिंचाई प्रभावित हो रही है और किसान भारी परेशानी में हैं।”
AAP की मांगें और चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए आम आदमी पार्टी ने ये प्रमुख मांगें रखीं:
- स्मार्ट मीटर परियोजना को तत्काल बंद किया जाए
- पूरे प्रोजेक्ट की स्वतंत्र जांच हो
- दोषी अधिकारियों और कंपनियों पर सख्त कार्रवाई हो
- रिचार्ज के बाद बिजली न मिलने वाले उपभोक्ताओं को मुआवजा दिया जाए
- 1912 हेल्पलाइन को प्रभावी बनाया जाए
इरम रिज़वी ने साफ चेतावनी दी, “अगर सरकार ने समय रहते इन समस्याओं को नहीं सुलझाया तो आंदोलन और तेज होगा। हम सड़क से लेकर सदन तक जनता की आवाज बुलंद करेंगे।”
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख नेता
लखनऊ के शक्ति भवन, अशोक मार्ग और हजरतगंज क्षेत्र में हुए प्रदर्शन में विनय पटेल, इरम रिज़वी, दिनेश पटेल, मनोज मिश्रा, अनिल जैन, शीतला सोनी, मोहम्मद अदनान, बलराम साहनी, अभिषेक प्रताप सिंह, प्रितपाल सलूजा, अंशुल सिंह सहित आम आदमी पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी ललितपुर, गाजियाबाद, बहराइच, मेरठ, वाराणसी, कानपुर, सहारनपुर आदि जगहों पर इसी तरह के प्रदर्शन हुए।
AAP का संदेश साफ है – स्मार्ट मीटर अगर जनता को राहत नहीं दे रहा तो उसे “चीटर” कहकर खारिज करने का समय आ गया है। अब देखना होगा कि सरकार इस बढ़ते आक्रोश पर क्या रुख अपनाती है।







