लखनऊ, 17 अगस्त, 2020: पूरे प्रदेश में खरीदे जा रहे लगभग 40 लाख स्मार्ट मीटर जिसकी कुल प्रोजेक्ट लागत लगभग 1927 करोड है। जिसकी पुरानी टेक्नोलाजी 2 जी और 3 जी को लेकर हो रहे विवाद पर आज उस समय नया मोड आ गया जब प्रदेश के उपभोक्ताओ की पीड़ा को लेकर उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकांत शर्मा से शक्ति भवन में मुलाकात कर लम्बी चर्चा की और विस्तार से स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट में आ रही खामियों से उन्हें अवगत कराते हुए प्रदेश में पुरानी तकनीकी के मीटरों पर पूर्णतया प्रतिबन्ध लगाने की मांग की और अवगत कराया की यह कैसा स्मार्ट मीटर सिस्टम है जिसमे जन्मास्टमी को बिजली बाधित होने के बाद भी हजारो स्मार्टमीटर उपभोक्तओ की बिजली 16 अगस्त तक बंद रही और सिस्टम को पता भी नहीं किसकी बिजली चालू किसकी बंद ! उल्टा एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लि0 ( ईईएसएल ) के निदेशक द्वारा 12 अगस्त को एक ट्वीट कर यह कहा गया सबकी बिजली चालू हो गयी है जो गंभीर मामला है।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकांत शर्मा ने उसी वक्त पावर कार्पोरेशन के चेयरमैन को उपभोक्ता परिषद के प्रस्ताव पर यह लिखित निर्देश जारी किया कि आगे पूरे प्रदेश में केवल उच्च व अत्याधुनिक तकनीकी के स्मार्ट मीटर ही लगाये जाय यह तुरंत सुनिक्षित किया जाय। ओैर यह भी तय किया जाय की भविष्य में तकनीकी से कोई छेड़छाड़ नहीं होगी। पावर कार्पोरेशन के चेयरमैन खुद पूरे मामले की मानीटरिंग स्वंय करेंगे। जिससे आगे से जन्मास्टमी जैसी घटना न घटित हो । इसके अलावा एक एक्सस्पर्ट कमेटी गटित कर यह पता लगवाया जाय की बहुत से स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओ की आपूर्ति 16 अगस्त तक बाधित थी और सिस्टम के सज्ञान में नहीं यह किसी तकनीकी है ? इस प्रकार की घटना उपभोक्ता हितो के विपरीत व अक्षम है इससे उपभोक्ताओ के बीच गलत सन्देश गया है।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने ऊर्जा मंत्री जी को सौपे अपने प्रस्ताव में यह मुद्दा उठाया की पूरे प्रदेश में पुरानी टेक्नोलाजी के बजाय 4 जी टेक्नोलाजी अथवा उसके समकक्ष उच्च टेक्नोलाजी एनबीआईवोटी (नैरोबैंड इंटरनेट ऑफ थिंग्स) संचार तकनीकी पर आधारित स्मार्ट मीटर प्रदेश में कब लगाए जायेगे क्यों की भविष्य में 2 जी और 3 जी स्मार्ट मीटर प्रचलन से बाहर हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि पावर कारपोरेशन के निदेशक वाणिज्य श्री ए के श्रीवास्तव ने दिसम्बर 2019 में उपभोक्ता परिषद् के प्रत्यावेदन और आयोग की जबाब तलबी को आधार बना कर एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लि0 ( ईईएसएल) प्रबंध निदेशक को यह निर्देश दिये गये थे की भविष्य में उच्च तकनीकी एनबीआईवोटी संचार तकनीकी पर आधरित मीटर दिए जाय यह तकनीकी मशीन से मशीन के बीच डाटा कमन्यूकेशन की सबसे उच्च तकनीकी है। और 4 जी टेक्नोलाजी के संतुलय है इसके बाद पावर कार्पोरेशन चुप रहा और ईईएसएल आज भी पूरे प्रदेश में पुरानी तकनीकी आधारित मीटर लगवाने में जुटा है ।







