मुंबई, 16 सितंबर 2025: महिला सुरक्षा, शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में अग्रणी मुक्ति फाउंडेशन की संस्थापक और अध्यक्ष स्मिता ठाकरे ने वंचित बच्चों को सशक्त बनाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। स्लम इलाकों के स्कूलों में ‘मुक्ति कल्चरल हब’ की शुरुआत की गई है, जो निःशुल्क कला और नाट्य वर्कशॉप प्रदान करेगा। इस पहल में बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर की संस्था ‘एक्टर प्रिपेयर्स’ के साथ साझेदारी की गई है, जिससे बच्चों को पेशेवर प्रशिक्षण मिल सकेगा।
यह घोषणा मुंबई के ताराबेन मास्टर स्कूल में की गई, जहां स्मिता ठाकरे ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा, “अपनी कला को आत्मविश्वास के साथ दुनिया के सामने लाओ। डांस, म्यूजिक, एक्टिंग या गायकी में जोश दिखाओ और सफलता की ओर पहला कदम बढ़ाओ।”मुक्ति कल्चरल हब: कला के माध्यम से सशक्तिकरणमुक्ति फाउंडेशन, जो 1999 से महिलाओं की सुरक्षा, एचआईवी जागरूकता और शिक्षा पर काम कर रहा है, अब कला को अपने कार्यक्रमों का अभिन्न हिस्सा बना रहा है।
इस नई पहल के तहत स्लम क्षेत्रों के स्कूलों में ‘कला और नाट्य वर्कशॉप’ आयोजित किए जाएंगे, जहां विशेषज्ञ प्रशिक्षक बच्चों को डांस, नाटक, अभिनय, म्यूजिक और विजुअल आर्ट्स की बारीकियां सिखाएंगे। चयन प्रक्रिया स्कूल स्तर पर होगी, जिसमें प्रतिभाशाली और वंचित बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी। वर्कशॉप निःशुल्क होंगे और मुक्ति कल्चरल हब को इनका मुख्य केंद्र बनाया जाएगा, जो एक बहुउद्देशीय स्थान के रूप में कला अभिव्यक्ति के लिए खुला रहेगा।
स्मिता ठाकरे ने बताया कि यह पहल फाउंडेशन के ‘आओ भूख मिटाएं’ अभियान से जुड़ी है, जो बच्चों को भोजन, शिक्षा के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास के अवसर प्रदान करता है। उनका मानना है कि पेट भरने के बाद ही बच्चे अपने हुनर को निखार सकते हैं। “शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के व्यक्तित्व विकास की भी आवश्यकता है। प्रतिभा अमीर या गरीब की सीमा में बंधी नहीं होनी चाहिए, हर बच्चे को कला के मंच तक पहुंचना चाहिए,” ठाकरे ने कहा। यह वर्कशॉप न केवल एक बार की गतिविधि होगी, बल्कि लंबे समय तक मेंटरिंग और समर्थन प्रदान करेगी, ताकि बच्चे कला के क्षेत्र में करियर बना सकें।
अनुपम खेर के ‘एक्टर प्रिपेयर्स’ के साथ साझेदारी: बॉलीवुड का योगदानइस पहल की खासियत अनुपम खेर की ‘एक्टर प्रिपेयर्स’ संस्था के साथ साझेदारी है, जो 2005 से मुंबई में अभिनय, लेखन और डांस की ट्रेनिंग प्रदान कर रही है।
यह संस्था दीपिका पादुकोण, वरुण धवन, हृतिक रोशन और कियारा आडवाणी जैसे सितारों को प्रशिक्षित कर चुकी है, और अब वंचित बच्चों को भी इसका लाभ मिलेगा। अनुपम खेर ने इस साझेदारी का स्वागत करते हुए कहा, “कला हर बच्चे का अधिकार है। हम अपने विशेषज्ञों के माध्यम से इन बच्चों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग देंगे, ताकि वे आत्मविश्वास से भरे होकर समाज में योगदान दे सकें।” यह साझेदारी फाउंडेशन के डोनेशन ड्राइव के बाद घोषित की गई, जहां ठाकरे ने आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली बच्चों की जरूरतों पर जोर दिया।
बॉलीवुड सितारों का समर्थन: एक सामूहिक प्रयासमुक्ति फाउंडेशन को बॉलीवुड से लंबे समय से समर्थन मिलता रहा है। टाइगर श्रॉफ, वरुण धवन, श्रद्धा कपूर जैसे युवा सितारे पहले ही जुड़ चुके हैं, जबकि फिल्म इंडस्ट्री के वरिष्ठ अभिनेता और निर्देशक भी इस कल्चरल हब से जुड़ने को इच्छुक हैं। स्मिता ठाकरे, जो खुद एक फिल्म प्रोड्यूसर और सामाजिक कार्यकर्ता हैं, ने 1999 में ‘हसीना मान जायेगी’ से डेब्यू किया था और तब से सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय हैं।
फाउंडेशन ने पहले भी एलजीबीटी समुदाय के लिए फ्रीडम परेड, महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘मी मुक्ति मार्शल’ कार्यक्रम और एचआईवी जागरूकता अभियान चलाए हैं। हाल ही में, ‘ज्ञान दान’ पहल के तहत स्कूल किट वितरण भी किया गया, जो शिक्षा को मजबूत बनाने पर केंद्रित था।
प्रभाव और भविष्य की योजनाएंयह पहल न केवल बच्चों के व्यक्तित्व को निखारेगी, बल्कि स्लम क्षेत्रों में कला को बढ़ावा देकर सामाजिक परिवर्तन लाएगी। मुक्ति फाउंडेशन स्कूलों, एनजीओ और समुदाय नेताओं से साझेदारी की अपील कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक बच्चे लाभान्वित हो सकें।
स्मिता ठाकरे का कहना है कि कला के माध्यम से बच्चे न केवल आत्मविश्वास हासिल करेंगे, बल्कि भविष्य में बॉलीवुड या अन्य क्षेत्रों में अवसर पा सकेंगे। यह पहल जुलाई 2025 में ‘कला एंड नाट्य’ वर्कशॉप के रूप में शुरू हुई थी, और अब स्कूलों में विस्तार हो रहा है।







