लखनऊ: रमज़ान की 21वीं तारीख को शहर में गहरा शोक और अकीदत का माहौल छाया रहा। हज़रत अली अलैहिस्सलाम की शहादत की याद में रुस्तम नगर स्थित रौज़ा-ए-शबीह नजफ (न्यू नजफ) से ताबूत का जुलूस निकाला गया, जो करबला तालकटोरा पर समाप्त हुआ।
हज़ारों की संख्या में रोज़ेदार, महिलाएं, बच्चे, जवान और बुज़ुर्ग नम आंखों से शामिल हुए। जुलूस में आगे-आगे अलम लहराते हुए ताबूत को देखकर लोग इमाम की शहादत को याद कर रो पड़े। अकीदतमंदों ने ताबूत की ज़ियारत की, चूमकर और कंधा देकर अपने इमाम को पुरसा पेश किया।
इन रूट से होकर निकला जुलुस : न्यू नजफ से बुनियादबाग → कटरा चौराहा → मंसूर नगर → टूरियागंज → हैदरगंज → एवरेडी चौराहा → करबला तालकटोरा।
पूरे जुलूस में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस ने कड़े इंतजाम किए। घरों की छतों पर जवानों का पहरा, सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी रखी गई। कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
बता दें कि यह जुलूस लखनऊ की सदियों पुरानी अज़ादारी परंपरा का हिस्सा है, जो इमाम अली (अ.स.) के प्रति अटूट मोहब्बत और शोक को दर्शाता है।







