लखनऊ, 15 मार्च 2021: आज जिस प्रकार संविधान पर हमले हो रहे हैं, नेताओं पर झूठे मुकदमों और जांच एजेंसियों के छापे के बाद अब शारीरिक हमले तक हो रहे हैं। ये भाजपा की राजनीतिक कुत्सित इरादे का परिणाम है। दूसरों पर सिंडीकेट से संचालित होने का आरोप लगाने वाले लोग वास्तव में ‘संघीकेट‘ से संचालित हैं। ये बातें रविवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कही।
दूसरों पर सिंडीकेट से संचालित होने का आरोप लगाने वाले स्वयं “संघीकेट” से संचालित हैं:
उन्होंने कहा कि नाजी प्रचार का मूल सिद्धांत था कि झूठ को सौ बार दुहराओं ताकि वह लोगों को सच लगने लगे। इसे भाजपा नेतृत्व और सरकार ने अक्षरशः पालन करने का मन बना लिया है। चार साल के शासन काल में भाजपा सरकार ने प्रदेश में विकास की गति अवरूद्ध करने के अलावा कोई काम नहीं किया है। पिछली सरकार के कामों को कोसना और फिर उन्हीं के कामों को अपना बताकर खुद ही अपनी प्रशंसा करने लगना मुख्यमंत्री का मुख्य करतब रहा है। इसे वे अपनी सफलता भी मानते हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने झूठ की एक बानगी और दिखाई जब उन्होंने समाजवादी पार्टी की सरकार के समय की नौकरियों के बारे में अनर्गल बयान दिया, जबकि उनके चार वर्षों की वास्तविकता यह है कि 2012 से 2017 के बीच समाजवादी पार्टी की सरकार ने ही उत्तर प्रदेश में विकास का काम किया है। भाजपा सरकार में तो धेले भर का काम राज्य में नहीं हुआ। सरकारी नौकरियों के बारे में निराधार और बिना किसी ठोस तथ्य के आरोप लगाना अनैतिकता हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पूरी तरह अहंकार में डूबी हुई है। हर स्तर पर उसने लोकतांत्रिक व्यवस्था की मर्यादा तोड़ दी है और प्रदेश को अराजकता की आग में झोंक दिया है। विपक्ष के प्रति बदले की भावना से काम करने वाली भाजपा को जानना चाहिए कि सत्ता पर किसी का स्थायी एकाधिकार नहीं होता है।







