मैरीकॉम के पंच में है दम
नई दिल्ली, 25 नवंबर 2018: भारत की सुपर मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए यूक्रेन की हाना ओखोता को शनिवार को 5५-0 से हराकर आईबा विश्व महिला मुक्केबाजी प्रतियोगिता के 45 से 48 किलोग्राम लाइट फ्लाईवेट वर्ग का स्वर्ण पदक जीत लिया।
मैरीकॉम ने इसके साथ ही छठी बार स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास बना दिया। यह कारनामा करने वाली वह पहली मुक्केबाज और टूर्नामेंट की सबसे सफल मुक्केबाज मैरीकॉम बन गई है।
मुश्किल के दौर में गुजरती रही जिंदगी लेकिन उनके जीवन पर फिल्म भी बनी
मणिपुर में जन्मे मैरी कॉम का बचपन खेतों में काम करने में बीता। उनके पापा शुरू में उनके बॉक्सिंग स्पोर्ट्स में जाने के खिलाफ थे। 2005 में. के. ओनलर कॉम से शादी के बाद उनके सहयोग से बॉक्सिंग की ट्रेनिंग शुरू की। बॉक्सिंग स्पोर्ट्स छोड़ने का दबाव उनके पापा से तब भी मिला, जब 2007 में उन्हें जुड़वा बच्चे पैदा हुए लेकिन 2008 में मेरी ने फिर वर्ल्ड टाइटल हासिल किया।
‘मैरी कॉम’ फिल्म से भी मिली पहचान:
3 बच्चों की मां मैरी कॉम पर 2014 में फिल्म ‘मैरी कॉम’ बनी थी। फिल्म में उनकी भूमिका प्रियंका चोपड़ा ने निभाई। मैरी अकेले ऐसी महिला बॉक्सर है जिन्होंने अपनी सभी 6 विश्व प्रतियोगिताओं में पदक जीते।







