स्टालिन ने रजनीकांत पर साधा निशाना

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कहा, राजनीति में अध्यात्म की कोई जगह नहीं

चेन्नई, 04 जनवरी। द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने कहा है कि तमिलनाडु द्रविड़ आंदोलन का उद्गम स्थल है, जहां आध्यात्मिक राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब राजनीति में प्रवेश करने की घोषणा के कुछ दिन बाद रजनीकांत ने उनके पिता और द्रमुक प्रमुख एम. करुणानिधि से उनके निवास पर जाकर मुलाकात की। रजनीकांत यह बयान भी दे चुके हैं कि वह आध्यात्मिक राजनीति करेंगे। स्टालिन ने उनके इसी बयान पर पलटवार किया है।

उन्होंने कहा कि कुछ लोग हौआ खड़ा कर रहे हैं कि रजनीकांत तमिलनाडु में द्रविड़ आंदोलन को खत्म कर देंगे। मैं आपको बता देना चाहता हूं कि यह पेरियार अन्ना (द्रविड़ कज़गम के संस्थापक ईवी रामसामी पेरियार) और कलईगनर (करुणानिधि) की भूमि है। जब उनसे पूछा गया कि क्या रजनीकांत ने द्रमुक का समर्थन मांगा है, तो उन्होंने कहा कि इन सब चीजों का फैसला चुनाव के दौरान ही किया जा सकता है। अभी कुछ भी कहना ठीक नहीं है।

बता दें कि रजनीकांत ने 31 दिसंबर-2017 को नई पार्टी बनाने की घोषणा की थी और कहा था कि उनकी पार्टी तमिलनाडु के आगामी विधानसभा चुनावों में सभी सीटों पर उम्मीदवार खड़े करेगी। उन्होंने अपने भाषण में इस बात का जिक्र भी किया था कि मैं राजनीति में नया नहीं हूं, मेरी इंट्री ही जीत के बराबर है। बता दें, रजनीकांत का असली नाम शिवाजी राव गायकवाड़ है। तमिल और हिन्दी फिल्मों में दमदार एक्टिंग कर उन्होंने करोड़ों प्रशंसक बना लिए हैं। माना जा रहा है कि उन्होंने नरेंद्र मोदी के कहने पर राजनीति में प्रवेश किया है।

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