लखनऊ, 15 जनवरी : पैसा कमाने खेल में लोगों की सवेदना कितनी मर चुकी है इसका ताजा उदहारण लखनऊ से आया है जहाँ मिलावटी चायपत्ती का कारोबार किया जा रहा था। एसटीएफ ने छापेमारी कर 11 कुंतल मिलावटी चायपत्ती बरामद की है। माल छोड़कर भाग रहे कारोबारी संचालक को भी गिरफ्तार किया गया है।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश की राजधानी के मड़ियांव थाना क्षेत्र में मिलावटी चायपत्ती बना लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा था। यह कारखाना काफी समय से क्षेत्र में चल रहा था । भनक लगने पर यूपी एसटीएफ ने मंगलवार को छापेमारी कर संचालक को गिरफ्तार किया है और उसके कब्जे से 11 कुंतल मिलावटी चायपत्ती बरामद की है। इसके साथ ही हार्ड स्टोन पाउडर और केमिकल समेत कई सामान भी बरामद हुए हैं।
एसटीएफ के डिप्टी एसपी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक पकड़ा गया आरोपी मो. आरिफ सीतापुर के बिसवां स्थित काजी टोला कस्बे का रहने वाला है। वह मड़ियांव के कृष्णलोक कालोनी में प्लाट नंबर 58 में कारखाना खोलकर मिलावटी चायपत्ती बनाने का काम करता था । एसटीएफ और एफएसडीए की संयुक्त टीम ने मंगलवार को छापा मारकर कारखाने से 30 लाख रुपये की 11, 200 किलो मिलावटी चायपत्ती, 30 किलो चाय रंगने का कलर, 6 पैकेट हार्ड स्टोर पाउडर (गेरु), चार इलेक्ट्रॉनिक तराजू, चार पैकिंग मशीन, एक गैस चूल्हा, रसोई गैस सिलिंडर, चाय पैक करने वाला पैकेट (गार्डेन फेस) व अन्य सामाग्री 100.50 किलो, आधार कार्ड, 12,500 रुपये नकदी, एक मोबाइल बरामद किया है।
जिलों में भी फैला था नेटवर्क
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एसटीएफ के डिप्टी एसपी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी मो. आरिफ ने कुबूल किया कि वह एक गिरोह बनाकर मिलावटी चायपत्ती बनाकर बेचने का काम करता था। राजधानी के अलावा बाराबंकी, सीतापुर, शाहजहांपुर, बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती, बलराम जैसे कई जिलों में एजेंटों के जरिये नेटवर्क तैयार कर कारोबार कर रहे थे। बताया कि आसाम से सस्ती व खराब क्वालिटी की चायपत्ती मंगाकर उसे केमिकल मिलाकर स्ट्रांग व कलरयुक्त चायपत्ती तैयार कर बेचते थे। अलग-अलग कंपनियों के नाम से पैकेट में चायपत्ती भरकर बेचते थे। ताकि लोगों को लगे के नामी कंपनियों की चायपत्ती है। इसमें काफी मुनाफा होता है।







