बात अभी जल्दी की ही है। सौरभ और साक्षी 3 साल से एक-दूसरे से प्यार करते थे। सौरभ कानपुर में जॉब करता और अपने फॅमिली के साथ रहता था और साक्षी अपने जॉब के कारण लखनऊ में अकेले रहती थी। कल सौरभ का जन्मदिन था।
साक्षी ने शाम को सौरभ को कॉल किया। “सौरभ तुम्हें क्या गिफ्ट चाहिए?” साक्षी ने सौरभ से पूछा।
“साक्षी मैंने कई बार तुमसे कहा कि मुझे कुछ नहीं, बस तुम चाहिए। “सौरभ ने कहा।
इसी बीच साक्षी के मोबाइल में उसके बॉस का कॉल आने लगा। “सौरभ बॉस का कॉल आ रहा है, बॉय I’ll call you later.
“साक्षी यार!” सौरभ बात कहता इतने पर उसने कॉल काट दिया।
सौरभ सोचने लगा “साक्षी के पास मेरे लिए समय नहीं है। तभी साक्षी का मैसेज आता है ‘सॉरी सौरभ अभी अर्जेंट मीटिंग है ऑफिस जा रही हूँ। खाना खा लेना गुड नाईट ‘
सौरभ का mood खराब हो गया। लेकिन उसे पता था कि साक्षी जरूर समय निकाल कर उसे 12 बजे सबसे पहले बर्थडे विश करेगी।
रात के 12 बजते हैं और साक्षी का कॉल नहीं आता है, सौरभ इंतजार करता है और आखिर में साक्षी को कॉल करता है लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिलता है। फिर कॉल करते-करते सौरभ की आंख लग जाती है।
सुबह के 4 बजे अचानक सौरभ का मोबाइल रिंग होता है, वह अचकचा कर उठता है और आधी निन्द में कॉल रिसीव करता है।
उधर से आवाज आती है “जी कौन बोल रहा है? यहाँ पर लखनऊ हाईवे पर एक एक्सीडेंट हो गया है और लड़की की हालत गंभीर बनी हैं उसे मेदांता हॉस्पिटल में एडमिट कराये हैं। आप जल्दी आ जाएँ मैं लखनऊ पुलिस से हूँ।
सौरभ का फ़ोन हाथ से छूटता है। फिर उठाके पूछता हैं “सर” लड़की कैसी हैं? अभी ठीक हैं? कुछ हुवा तो नहीं न? गंभीर चोट लगी हैं? इसी बीच पुलिस वाला बोलता हैं। आप जल्दी आ जाएँ, लड़की ICU में हैं।
सौरभ आनन-फानन लखनऊ के लिए निकलता हैं। वो सुबह के 7 बजे हॉस्पिटल पहुँचता हैं। लेकिन डॉक्टर उसे मिलने नहीं देते हैं। हालत पूछता हैं तो “डॉक्टर बताते हैं” अभी इलाज चल रहा हैं उम्मीद है ठीक हो जाएगी।
सौरभ नम आँखों से ICU की तरफ झांकता रहा हैं। ICU रूम से आने वाले डॉक्टरों को हालत पूछता, इसी बिच “सौरभ को” नर्स आवाज दी “आप साक्षी के परिवार से हैं? अब पेसेंट से मिल सकते हैं।
“सौरभ” ICU के अंदर साक्षी की हालत देखते ही रो देता हैं। उसे पैरो और कंधे पर गंभीर चोट लगी थी, जिसमे प्लास्टर लगी थी। लेकिन होश में थी। “सौरव” पूछता हैं ये कैसी हो गया? अभी कैसा लग रहा हैं? कही और चोट लगी हैं क्या?
साक्षी मुस्कुरा के जवाब देती हैं “हैप्पी बर्थ डे”
“सौरव साक्षी के हाथ छूटे हुवे कहता हैं” पर मुझे बर्थ डे का ये गिफ्ट नहीं चाहिए था।
- समाप्त, (शार्ट स्टोरी इन हिंदी से साभार)







