कश्मीर के छात्र यूपी प्रशासन के अंग भी बन सकते है

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डॉ दिलीप अग्निहोत्री
कुछ ही दिन पहले जम्मू कश्मीर में ऐतिहासिक सुधार हुआ है। अनुच्छेद तीन सौ सत्तर और पैंतीस ए की समाप्ति हुई। लद्दाख अलग केन्द्र शासित प्रदेश बना है। अब वहां स्थिति सामान्य है। इस दौरान अनेक जानकारी देश की जनता के सामने आई है। अनुच्छेद तीन सौ सत्तर से केवल जम्मू कश्मीर के दो तीन परिवारों और अलगाववादियों को ही फायदा हो रहा था। इसकी आड़ में यहां के आम नागरिकों को अनेक अधिकारों से वंचित रखा गया था। यह विकास विरोधी अनुच्छेद था। केंद्र सरकार ने इसे हटा के यहां के लोगों को विकास का पैगाम दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यही पैगाम उत्तर प्रदेश में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों को दिया है। उन्होंने अपने सरकारी आवास में कश्मीरी छात्रों से मुलाकात की। लेकिन यहां का सन्देश राष्ट्रव्यापी था। मुख्यमंत्री के इस सकारात्मक संवाद का निहितार्थ यह था कि सम्पूर्ण देश में एकता की भावना समाहित है। दूसरे प्रदेशों में पढ़ने या नौकरी, व्यवसाय करने वाले सभी लोग भारत के ही नागरिक है। अब तीन सौ सत्तर जैसा कोई अलगाववादी व्यवधान नहीं है।
कश्मीर तक पहुंचा योगी का सकारात्मक संवाद:
योगी ने कश्मीर के इन छात्रों से कहा कि उत्तर प्रदेश में वह उनके अभिभावक है। यह भावनात्मक विचार कश्मीर तक पहुंचा है। पूरा देश बिना भेदभाव के एक है। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने एक कदम आगे बढ़ कर कहा कि कश्मीर के छात्र अभी यहां पढ़ रहे है। इसके बाद वह यहां के प्रशासन के अंग भी बन सकते है। मतलब उनके साथ नौकरी में भी भेदभाव नही होगा। वैसे भी गार्जियन का विचार व्यापक होता है। योगी ने आगे बढ़ कर यह जिम्मेदारी ली है। कहा कि लोकतंत्र में संवाद का महत्व होता है। हम सभी एक लोकतंत्रिक समाज में रह रहे हैं।
 जीवन में विकास से ही खुशहाली आती है। आम नागरिक को अपनी बुनियादी सुविधाओं और रोजगार की गारंटी चाहिये। उसके सामने एक अच्छे भविष्य का सुनहरा सपना स्पष्ट दिखायी देना चाहिये और उस दिशा में हम सब मिलकर एक बेहतर पहल कर सकते हैं। अभिभावक के दायित्व को आगे बढाते हुए योगी ने उनकी फीस व अन्य समस्याओं की जानकारी पर संवाद किया।
कहा कि यदि कश्मीरी छात्रों की छात्रवृत्ति और उनकी फीस को लेकर कोई भी दिक्कत आती है तो राज्य सरकार इसकी व्यवस्था करेगी। इसके साथ ही उन्हें  सुरक्षा देना सरकार की प्राथमिकता है। योगी ने कॉलेज प्लेसमेंट में भी छात्रों की मदद का आश्वासन दिया। कश्मीरी विद्यार्थियों के सवालों के जवाब में कहा कि अनुच्छेद तीन सौ सत्तर हटाये जाने से जम्मू कश्मीर के विकास में तेजी आएगी। इसका कोई नकारात्मक प्रभाव वहां के लोगों पर नहीं पड़ेगा। लखनऊ के बाद योगी अन्य प्रमुख स्थानों पर भी कश्मीरी छात्रों से संवाद करेंगे। योगी ने छात्रों को उत्तर प्रदेश में ढाई साल के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों की भी जानकारी दी।

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