ढोंगी बाबाओं का काला सच, सतर्कता जरूरी
नई दिल्ली: दिल्ली के वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट रिसर्च में 17 छात्राओं के यौन शोषण के मामले में आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसारथी को दिल्ली पुलिस ने 27 सितंबर को आगरा से गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को उनकी पांच दिन की पुलिस रिमांड खत्म होने पर कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। चैतन्यानंद पर जालसाजी और फर्जी नंबर प्लेट के भी दो अलग-अलग मामले दर्ज हैं।
पुलिस को पता चला कि आरोपी ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था, जिसमें छात्राओं को योग की तस्वीरें डालने के लिए मजबूर किया जाता था और वह उन पर अश्लील टिप्पणियां करता था। विरोध करने वाली छात्राओं की आवाज को दबाने वाली संस्थान की तीन वार्डनों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उत्तराखंड में चैतन्यानंद के होटल में ठहरने की पुष्टि हुई है, और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। बता दें की 28 सितंबर को आगरा के होटल फर्स्ट ताजगंज से गिरफ्तार होने के बाद उन्हें 5 दिनों की पुलिस रिमांड मिली थी, जिसमें पुलिस ने उनके फोन से अश्लील चैट्स, दुबई कनेक्शन और छात्राओं को पार्टनर ढूंढने जैसे खुलासे किए।
पुलिस जांच में सामने आया कि स्वामी ने महिलाओं के हॉस्टल में गुप्त कैमरे लगाए थे, एक ‘टॉर्चर रूम’ का इस्तेमाल किया, और CCTV फुटेज डिलीट करने का प्रयास किया, जिसका DVR फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया।
उनके सहयोगी हरी सिंह को पीड़िता के पिता को धमकाने के लिए गिरफ्तार किया गया, और तीन सगी बहनों (स्वेता, भावना, काजल) सहित अन्य स्टाफ से पूछताछ हो रही है।

इसके अलावा, जालसाजी, फर्जी नंबर प्लेट और करोड़ों की हेराफेरी के मामले भी चल रहे हैं। पुलिस ने उनके 8 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं। स्वामी ने कोर्ट में संन्यासी भोजन, दवाइयां और कपड़ों की मांग की, जिस पर सुनवाई बाकी है। जांच जारी है।
सोशल मीडिया के x पर क्रांति कुमार ने लिखा :
चैतन्यानंद बाबा के आश्रम से जहां धार्मिक किताबें और चंदन तिलक मिलना चाहिए था। लेकिन पुलिस को सेक्स टॉय और पोर्न सीडी बरामद हुई है. ऐसा कोई साल नही, ऐसा कोई महीना नही जब किसी बाबा या ओझा या तांत्रिक पर यौन शोषण का आरोप नही लगा है.
जागरूकता के लिए आश्रम से अच्छी वेब सीरीज नही हो सकती जिसमें दिखाया गया है भक्त ईश्वरीय ज्ञान की तलाश में हैं लेकिन बाबा किसी और ही चीज के पीछे पागल है. अगर आप अपने परिवार सहित किसी भी आश्रम में जाते हैं तो वहां जाते ही आपकी स्वतंत्रता खत्म हो जाती है. कारण आश्रम में संविधान या कानून नही, केवल बाबा का तानाशाही राज और नियम कायदा चलता है जो उसने शोषण के लिए बनाया होता है. आपका भरोसा जीतने के बाद बाबा आपके घर की इज्जत लुटता है।
बाबाओं के भेष में छिपा काला सच, रहें सावधान!
नई दिल्ली: दिल्ली के वसंत कुंज में 17 छात्राओं के यौन शोषण के मामले में स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसारथी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। आगरा से गिरफ्तार इस तथाकथित बाबा पर जालसाजी, फर्जी नंबर प्लेट और करोड़ों की हेराफेरी के भी आरोप हैं। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि स्वामी ने छात्राओं को योग के नाम पर व्हाट्सएप ग्रुप में तस्वीरें डालने के लिए मजबूर किया और अश्लील टिप्पणियां कीं। हॉस्टल में गुप्त कैमरे, ‘टॉर्चर रूम’ और CCTV फुटेज डिलीट करने की कोशिश जैसे चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। तीन वार्डनों और सहयोगी हरी सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है, जो पीड़िताओं की आवाज दबाने और धमकाने में शामिल थे।
बाबाओं के भेष में खतरा:
स्वामी चैतन्यानंद जैसे लोग आध्यात्मिकता का चोला पहनकर मासूम लोगों का शोषण करते हैं। ये ढोंगी बाबा भक्ति और विश्वास का दुरुपयोग कर गंभीर अपराधों को अंजाम देते हैं। इससे पहले भी आसाराम, राम रहीम और नित्यानंद जैसे कई तथाकथित बाबाओं के काले कारनामे सामने आ चुके हैं। ये लोग धर्म के नाम पर लोगों की भावनाओं से खेलते हैं और यौन शोषण, वित्तीय धोखाधड़ी जैसे अपराधों को अंजाम देते हैं।
सावधान रहने की जरूरत:
- किसी भी बाबा या आध्यात्मिक गुरु पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
- उनके दावों और गतिविधियों की पृष्ठभूमि की जांच करें।
- संदिग्ध गतिविधियों या दबाव की स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस या विश्वसनीय लोगों से संपर्क करें।
- बच्चों और युवाओं को ऐसे लोगों से सावधान रहने की शिक्षा दें।
वास्तव में आध्यात्मिकता की आड़ में छिपे इन भेड़ियों से बचने के लिए जागरूकता और सतर्कता जरूरी है। विश्वास के नाम पर शोषण का शिकार होने से पहले सच्चाई को परखें और सुरक्षित रहें।







