टाटा मुंबई मैराथन 2026: ‘देने’ और बदलाव का नया इतिहास
मुंबई, 16 अप्रैल 2026 : टाटा मुंबई मैराथन 2026 ने इस बार सिर्फ दौड़ नहीं, बल्कि ‘देने’ की भावना को नई ऊंचाई दी है। ‘एन ईवनिंग ऑफ ग्रेटिट्यूड’ कार्यक्रम में 21वीं एडिशन की सफलता का जश्न मनाते हुए आयोजन ने ₹60.68 करोड़ की रिकॉर्ड चैरिटी राशि जुटाई।
यह राशि सैकड़ों एनजीओ की भागीदारी और हजारों धावकों के समर्पण से जुटाई गई, जो मुंबई को एक परिवार की तरह जोड़ने का जीवंत उदाहरण बनी।
“हर दिल मुंबई” की भावना से सराबोर इस आयोजन ने साबित कर दिया कि मैराथन अब केवल खेल नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन का मंच बन चुकी है। मुंबई पुलिस, यूनाइटेड वे मुंबई और एडवेंचर्स बियॉन्ड बैरियर्स फाउंडेशन जैसी संस्थाओं के तालमेल ने इसे एक सशक्त जनआंदोलन का रूप दिया।
राहुल नार्वेकर, छगन भुजबल, रितु तावड़े, एड्रियन टेरॉन और जॉर्ज ऐकारा जैसे नेताओं ने इस आयोजन को मुंबई की एकता, लचीलेपन और उद्देश्यपूर्ण साझेदारी का प्रतीक बताया।
सिटीयस ट्रांसनेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट: सड़कें अब कमाई का जरिया
दूसरी ओर, इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के क्षेत्र में एक बड़ा अवसर सामने आया है। सिटीयस ट्रांसनेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट का इश्यू कल 17 अप्रैल 2026 को खुल रहा है, जो 21 अप्रैल 2026 तक निवेशकों के लिए उपलब्ध रहेगा।
प्राइस बैंड ₹99 से ₹100 प्रति यूनिट रखा गया है। इस इश्यू के जरिए ट्रस्ट लगभग ₹1,105 करोड़ जुटाने की योजना बना रहा है। न्यूनतम बोली 150 यूनिट्स (₹15,000) से शुरू होकर मल्टीपल में निवेश संभव है, जिससे छोटे निवेशक भी सड़क इंफ्रा सेक्टर में भाग ले सकें।
ट्रस्ट के पास पहले से ही मजबूत पोर्टफोलियो है – 10 रोड प्रोजेक्ट्स, कुल 3,406.71 लेन-किलोमीटर और 9 राज्यों में फैले टोल एवं एन्युटी एसेट्स। वित्तीय प्रदर्शन भी मजबूत है: FY25 में ऑपरेशंस से आय ₹19,870 मिलियन और मजबूत कैश फ्लो।
यह इश्यू उन निवेशकों के लिए आकर्षक है जो लंबी अवधि में स्थिर रिटर्न और भारत के बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की ग्रोथ में हिस्सेदारी चाहते हैं। सड़कें अब सिर्फ सफर नहीं, बल्कि नियमित आय का स्रोत भी बन रही हैं।
बता दें कि दोनों खबरें मुंबई और भारत की दो अलग-अलग ताकतों को दर्शाती हैं कि एक तरफ सामाजिक एकता और चैरिटी की भावना, दूसरी तरफ इंफ्रा विकास और निवेश के नए अवसर।






