आयोग ने लगाया एमडी पावर कार्पोरेशन को फटकार कहा जबाब आप को देना था तो निदेशक वाणिजय ने क्यों दिया जबाब आगे से आप ही देगे जबाब। उपभोक्ता परिषद ने कहा बड़ी जीत
जन्मास्टमी के दिन लाखों स्मार्ट मीटर विद्युत उपभोक्ताओ डिस्कनेक्ट मामले में विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन आरपी सिंह सदस्य के के शर्मा व वी श्रीवास्तव ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सभी बिजली कम्पनियो द्वारा भेजे गये जबाब को एक सिरे से खारिज करते हुए कहा कि आपका यह जवाब बेबुनियाद है। पावर कार्पोरेशन प्रबंध निदेशक को आयोग ने आड़े हाथो लेते हुए कहा की एमडी पावर कार्पोरेशन को जबाब देने को कहा गया था उनकी तरफ से निदेशक वाणिजय द्वारा जो भेजा गया था वह जबाब बिलकुल उचित नहीं था उन्होंने कहा कि आगे से प्रबंध निदेशक ही जबाब के लिए अधीकृती होंगे।
बता दें कि आयोग ने अपने फैसले में कहा जिन लगभग 1 लाख 58 हजार उपभोक्तओ की बिजली बाधित हुई थे जिनकी बिजली 24 घंटे के अंदर जुडी उन्हें क्यों न रुपया 100 का मुआवजा दिया जाय ? और जिनकी 24 घंटे से ज्यादा बाधित रही उन्हे रुपया 50 और अतरिक्त क्यों न मुआवजा दिया जाय ? इस पूरे मामले पर 3 सितम्बर को आयोग सुनवाई करेगा फिर मुआवजा को अंतिम रूप देगा। जहा तक सवाल है दोषियों पर कार्यवाही का तो वह आगे निर्णय जब विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 142 की सुनवाई होगी तब लिया जायेगा ।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा ने विद्युत नियामक आयोग ने उपभोक्ता परिषद की बात मान कर मुआवजा देने के लिए कार्यवाही शुरू की यह सराहनीय कदम है।







