मीटर निर्माता कंपनी सब पर हो कठोर कार्यवाही
पूरे प्रदेश में लगे लगभग 12 लाख पुरानी तकनीकी के स्मार्ट मीटर मामले में हो रही उदासीनता को लेकर आज उपभोक्ता परिषद् की तरफ से बिद्युत नियामक आयोग में एक लोकमहत्वा जनहित प्रत्यावेदन दाखिल कर एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लि. ( ईईएसएल ) एलएनटी पावर कार्पोरेशन व मीटर निर्माता कंपनी सबके खिलाफ जनहित में सख्त कार्यवाही की मांग की गयी है।
उपभोक्ता परिषद् ने ईईएसएल द्वारा केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा जारी स्मार्ट मीटर नियमावली एडवांस्ड मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्टर (एएमआई) की जारी शर्तो का उलघन करने का आरोप लगाते हुए दोनों ईईएसएल और पावर कार्पोरेशन के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की गयी है
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने नियामक आयोग चेयरमैन श्री आरपी सिंह से पूरे मामले पर बात कर उपभोक्ताओ की वयथा से अवगत कराया और कार्यवाही की मांग की ।आयोग चेयरमैन ने कहा पावर कार्पोरेशन की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उपभोक्ता हित में आयोग निर्णय लेगा ।
उपभोक्ता परिषद् ने अपने प्रत्यावेदन में कहा एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लि. ईईएसएल और पावर कार्पोरेशन दोनों के बीच जो एमओयू हुवा है उसकी शर्तो के मुताबिक पावर कार्पोरेशन के उच्चाधिकारी अपनी गलती व मॉनिटरिंग के लिए जिम्मेदार है क्यों की पावर कार्पोरेशन व एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लि. (ईईएसएल) को अपने एमओयू में प्राविधानित एक वयवस्था को ध्यान से पढ़ना चाहिए जिसमे एएमआई सलूशनरोेल रोल आउट व प्रोजेक्ट मैनेजमेंट पर एक ज्वाइनटली बेसलाइन स्थापित होना था। अगर यह सब कार्यवाही की गयी होती तो ऐसी घटना से बचा जा सकता था। ऐसे में ईईएसएल और पावर कार्पोरेशन कोई भी अपनी जबाबदेही से नहीं बच सकता उपभोक्ता परिषद् ने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण और एमओयू के अनुबंध के अनुसार सबकी पोल खोली है और एग्रीमेंट की कॉपी भी सौपी है।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लि. के प्रबंध निदेशक ने खुद माना है की लगभग 1594 स्मार्ट मीटर सिस्टम से कमांड देने के बाद भी ठीक नहीं हुए उसमे संचार की प्रॉब्लम थीे फिर 180 टीम फील्ड में लगाकर उसे चालू कराया गया मतलब पुरानी टेक्नोलाजी 2 जी और 3 जी फेल है। ईईएसएल द्वारा यह भी कहा गया है की कुछ मीटरों को पोल से डायरेक्ट किया गया तब सप्लाई शुरू हुई। इससे यह सिद्ध होता है की वर्तमान लगे स्मार्ट मीटर की तकनीक में बड़ी खामी है जो भविष्य में चुनौती साबित होगी । वही दूसरी ओर उपभोक्ता परिषद् स्वता रियल्टी चेक के लिए लखनऊ में एक उपभोक्ता के घर गया फिर 4 दिन बाद आप्पूर्ती बहाल हुई यह सिद्ध करता है की मीटर भी घटिया तकनीकी आधारित है । सबसे बड़ा सवाल यह है की हर एक स्मार्ट मीटर पर जीएसटी सहित 108 रुपया हर माह ईईएसएल चार्ज करता है इसके बाद भी यह हाल अपने आप में चिंता का विषय है।







