जहाँ पहले कोई नहीं पहुंच पाता था वहां आकाशवाणी जरूर पहुंच जाता था, और यह आजादी के पहले की यात्रा है : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
आकाशवाणी, लखनऊ के 89वें स्थापना दिवस पर आयोजित सांस्कृतिक समारोह में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का संबोधन
लखनऊ : आकाशवाणी, लखनऊ के 89वें स्थापना दिवस पर आयोजित सांस्कृतिक समारोह में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1938 में, जब देश अभी आजाद नहीं हुआ था, आकाशवाणी लखनऊ से वंदे मातरम की पहली धुन प्रसारित हुई थी। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक प्रसारण नहीं था, बल्कि आजादी की लड़ाई को नई दिशा देने वाला मंच था।”
मोहम्मद अली जौहर का विरोध और कांग्रेस का फैसला
CM योगी ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए याद दिलाया कि 1924 में कांग्रेस के अधिवेशन में मोहम्मद अली जौहर ने वंदे मातरम का विरोध किया था। फिर 1937 में कांग्रेस ने तय किया कि इसके पहले दो छंद ही गाए जाने चाहिए। लेकिन 1938 में आकाशवाणी लखनऊ ने पूरे गीत का गायन प्रसारित किया।
आकाशवाणी बनी आजादी का मंच
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान आकाशवाणी देश की आवाज बनकर उभरी। यह एक ऐसा मंच था जिसने आजादी की लड़ाई को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। गांव-गांव तक राष्ट्रभक्ति का संदेश पहुंचाने का काम आकाशवाणी ने किया।
इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के संबोधन ने पूरे समारोह को देशभक्ति की भावना से सराबोर कर दिया। आकाशवाणी लखनऊ की यह यात्रा आज भी राष्ट्र सेवा और सांस्कृतिक संरक्षण की मिसाल बनी हुई है।







