Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Sunday, August 30
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»करियर»Education

    देशभक्तों की गाथाओं से भरे हैं भारतीय इतिहास के पन्ने

    By January 15, 2020 Education No Comments7 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 575

    अपकमिंग गणतंत्र दिवस ’26 जनवरी’ पर विशेष: भारतीय संविधान सारे विश्व में ‘विश्व एकता’ के कारण अनूठा है!

    डा. जगदीश गांधी

    भारत की आजादी 15 अगस्त 1947 के बाद 2 वर्ष 11 माह तथा 18 दिन की कड़ी मेहनत एवं गहन विचार-विमर्श के बाद भारतीय संविधान को 26 जनवरी 1950 को आधिकारिक रूप से अपनाया गया। इस दिन भारत एक सम्पूर्ण गणतान्त्रिक देश बन गया। तब से प्रति वर्ष 26 जनवरी को हम गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते आ रहे हैं। हमें विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश होने का गर्व प्राप्त है। 26 जनवरी, 1950 भारतीय इतिहास में इसलिये महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि भारत का संविधान, इसी दिन अस्तित्व मे आया और भारत वास्तव में एक संप्रभु देश बना। भारत का संविधान लिखित एवं सबसे बड़ा संविधान है। भारतीय संविधान के निर्माताओं ने विश्व के अनेक संविधानों के अच्छे प्रावधानों को अपने संविधान में आत्मसात करने का प्रयास किया है।

    इतिहास में देशभक्तों की गाथा:

    मातृभूमि के सम्मान एवं उसकी आजादी के लिये असंख्य वीरों ने अपने जीवन की आहुति दी थी। देशभक्तों की गाथाओं से भारतीय इतिहास के पन्ने भरे हुए हैं। देशप्रेम की भावना से ओत-प्रोत हजारों की संख्या में भारत माता के वीर सपूतों ने, भारत को स्वतंत्रता दिलाने में अपना सर्वस्य न्योछावर कर दिया था। ऐसे ही महान देशभक्तों के त्याग और बलिदान के कारण हमारा देश, गणतान्त्रिक देश बन सका। आज हमारा समाज परिवर्तित हो रहा है। मीडिया जगत पहले से काफी सक्रिय हो गया है। जनता भी जाग रही है। युवा सोच का विकास हो रहा है। शिक्षा का स्तर बढ़ रहा है। अति आधुनिक टेक्नोलाॅजी से लैश युवकों की संख्या तेजी से बढती जा रही है।

    कण-कण में शहीद, पत्थर-पत्थर में इतिहास :

    26 जनवरी को सभी देशभक्तों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए, गणतंत्र दिवस का राष्ट्रीय पर्व भारतवर्ष के कोने-कोने में बड़े उत्साह तथा हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। प्रति वर्ष इस दिन प्रभात फेरियां निकाली जाती है। भारत की राजधानी दिल्ली समेत प्रत्येक राज्य तथा विदेशों के भारतीय राजदूतावासों में भी यह त्योहार बडे उल्लास व गर्व के साथ मनाया जाता है। 26 जनवरी का पर्व देशभक्तों के त्याग, तपस्या और बलिदान की अमर कहानी समेटे हुए है। प्रत्येक भारतीय को अपने देश की आजादी प्यारी थी। भारत की भूमि पर पग-पग में उत्सर्ग और शौर्य का इतिहास अंकित है। किसी ने सच ही कहा है- “कण-कण में सोया शहीद, पत्थर-पत्थर इतिहास है।“ ऐसे ही अनेक देशभक्तों की शहादत का परिणाम है, हमारा गणतान्त्रिक देश भारत। 26 जनवरी का पावन पर्व आज भी हर दिल में राष्ट्रीय भावना की मशाल को प्रज्जलित कर रहा है। लहराता हुआ तिरंगा रोम-रोम में जोश का संचार कर रहा है, चहुँओर खुशियों की सौगात है। हम सब मिलकर उन सभी अमर बलिदानियों को अपनी भावांजली से नमन करें, वंदन करें।

    सम्पूर्ण वसुधा अपना परिवार है:

    संसार के महान विचारक विक्टर ह्यूगो ने कहा था ‘इस संसार में जितनी भी सैन्यशक्ति है उससे भी अधिक शक्तिशाली एक और चीज है और वह है एक विचार जिसका कि समय आ गया है।’ संसार में वह विचार जिसका समय आ चुका है केवल भारत के पास है और वह विचार है- ‘उदार चरितानामतु वसुधैव कुटुम्बकम्’ अर्थात उदार चरित्र वालों के लिए सम्पूर्ण वसुधा अपना स्वयं का ही परिवार है। हम सभी संसारवासी एक ही परमात्मा की संताने होने के नाते सारा संसार हमारा अपना ही परिवार है।

    संसार का सबसे अधिक शक्तिशाली विचार ‘भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51’ की भावना है:

    भारतीय संविधान निर्माता समिति के अध्यक्ष महान युगदृष्टा और इस संसार में आधुनिक युग के सामाजिक न्याय के योद्धा डा0 बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर ने संविधान निर्माता समिति के सभी सदस्यों तथा संविधान सभा की सर्वसम्मति से ‘भारतीय संविधान में अनुच्छेद 51’ को सम्मिलित किया। संसार की समस्त सैन्य शक्ति से अधिक शक्तिशाली विचार ‘भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51’ की भावना है, जिसके अनुरूप सारे विश्व में एकता एवं शांति की स्थापना के प्रयास को अब संसार भर में मुख्य न्यायाधीशों, न्यायविदों एवं राष्ट्राध्यक्षों ने सिटी मोन्टेसरी स्कूल द्वारा पिछले 19 वर्षो में प्रतिवर्ष आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय मुख्य न्यायाधीश सम्मेलन के माध्यम से एकमत से स्वीकार कर लिया है।

    आज विश्व को कानून और व्यवस्था रूपी औषधि की तत्काल आवश्यकता है:

    बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने भारतीय संसद में अपने भाषण में कहा था कि- ‘कानून और व्यवस्था ही किसी भी राजनीति रूपी शरीर की औषधि है और जब राजनीति रूपी शरीर बीमार हो जाये तो हमें कानून और व्यवस्था रूपी औषधि का उपयोग राजनीति रूपी शरीर को स्वस्थ करने के लिए करना चाहिए।’ आज विश्व का राजनैतिक शरीर पूर्णतया बीमार हो गया है उसे कानून और व्यवस्था रूपी औषधि की तत्काल आवश्यकता है। अब केवल भारत के पास ही इस संसार को अन्तर्राष्ट्रीय आतंकवाद तथा युद्धों से बचाने का विचार उपलब्घ है। वह विचार है भारतीय संविधान का अनुच्छेद 51। 

    भारतीय संविधान में अनुच्छेद 51 निम्न प्रकार है:-

    (ए) भारत का गणराज्य अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति और सुरक्षा की अभिवृद्धि करने का प्रयास करेगा।

    (बी) भारत का गणराज्य संसार के सभी राष्ट्रों के बीच न्यायसंगत और सम्मानपूर्ण संबंधों को बनाए रखने का प्रयत्न करेगा,

    (सी)  भारत का गणराज्य अन्तर्राष्ट्रीय कानून का सम्मान करने अर्थात उसका पालन करने की भावना की अभिवृद्धि करेगा।

    (डी)   भारत का गणराज्य अन्तर्राष्ट्रीय विवादों का हल माध्यस्थम् द्वारा कराने का प्रयास करेगा।

    अर्थात भारत, विश्व के सभी राष्ट्रों के राष्ट्राध्यक्षों की अविलम्ब मीटिंग बुलाकर सर्वसम्मति से अथवा अधिकांश राष्ट्रों की सहमति से ‘जनतान्त्रिक विश्व व्यवस्था’ का गठन करने का प्रयास करेगा। जिसके द्वारा संसार के सभी आपसी मतभेदों को हल करने के हेतु न्याय संगत कानून बनाया जा सके और जिसके द्वारा विश्व की एक सशक्त विश्व व्यवस्था एवं एक सशक्त विश्व न्यायालय का गठन किया जा सके ताकि अन्तर्राष्ट्रीय विवादों का हल आसानी से विश्व की सरकार, विश्व न्यायालय अथवा विश्व संसद के द्वारा हो सके।

    एकता व शान्ति का संदेश:

    वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में संयुक्त राष्ट्र संघ को और अधिक मजबूत किये जाने की आवश्यकता है, जिससे यह संस्था युद्धों को रोकने, अन्तर्राष्ट्रीय विवादों का निपटारा करने, आतंकवाद को रोकने, नाभिकीय हथियारों की समाप्ति एवं पर्यावरण संरक्षण आदि तमाम वैश्विक समस्याओं को प्रभावशाली ढंग से सुलझाने में सक्षम हो सकें क्योंकि तभी विश्व में शान्ति व एकता की स्थापना संभव हो सकेगी। विश्व एकता व विश्व शान्ति के प्रयासों के तहत ही सी0एम0एस0 विगत 20 वर्षों से लगातार प्रतिवर्ष ‘मुख्य न्यायाधीशों का अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन’ आयोजित करता आ रहा है। इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की शुरूआत 2001 में हुई तथा अभी तक आयोजित विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के 20 अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में दुनिया के 136 देशों के 1299 मुख्य न्यायाधीश एवं न्यायाधीश शामिल होकर एक बेहतर विश्व निर्माण के लिए अपना समर्थन दे चुकें हैं।

    विश्व का धन लड़ाई में नहीं भलाई में खर्च होना चाहिए:

    सम्पूर्ण शिक्षा पद्धति का मूल यही है कि भावी पीढ़ी को सम्पूर्ण मानव जाति की सेवा के लिए तैयार किया जा सके, यही कारण है सर्वधर्म समभाव, विश्व मानवता की सेवा, विश्व बन्धुत्व व विश्व एकता के सद्प्रयास इस विद्यालय को एक अनूठा रंग प्रदान करते हैं जिसकी मिसाल शायद ही विश्व में कहीं और मिल सके। विश्व का धन लड़ाई में नहीं भलाई में खर्च होना चाहिए। सीएमएस अपने बच्चों को इस तरह से प्रशिक्षित कर रहा है कि वे बड़े होकर दुनिया से लड़ाइयाँ मिटाकर विश्व एकता तथा विश्व शान्ति की स्थापना के लिए प्रयास करें। एक अच्छे नागरिक के रूप में हमारा कर्तव्य एवं दायित्व बनता है कि हम अपने देश की ‘वसुधैव कुटम्बकम्’ की महान संस्कृति एवं सभ्यता तथां भारतीय संविधान की मूल भावना के अनुरूप अपने देश के साथ ही साथ सारे विश्व में एकता एवं शांति की स्थापना के लिए सतत् प्रयासरत् रहें।

    Keep Reading

    Azim Premji Foundation to provide scholarships to 20,000 female students in Delhi.

    अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन दिल्ली में 20,000 छात्राओं को देगा स्कॉलरशिप

    रक्षाबंधन: परंपरा, पहचान और बाजारवाद का संगम

    Slapped for not doing homework, 6-year-old child dies in the classroom.

    होमवर्क न करने पर थप्पड़, कक्षा में ही 6 साल के बच्चे की मौत

    Trump Trapped in a Labyrinth: US President's Mounting Difficulties Amid the Maze of an Iran War

    चक्रव्यूह में फंसे ट्रंप: ईरान युद्ध की भूलभुलैया में अमेरिकी राष्ट्रपति की बढ़ती मुश्किलें

    Farmers' organizations extend support against the disarray in schools; children's protest intensifies.

    स्कूलों की अव्यवस्था के खिलाफ मिला किसान संगठनों का साथ, बच्चों का आंदोलन तेज

    The Mystery of Lord Shiva's Rudra Form: When Peace Becomes a Support for Unrighteousness

    भगवान शिव के रूद्र रूप का रहस्य: जब शांति अधर्म का सहारा बने

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Soulful bhajan ‘Aan Baso Mere Man Darpan Mein’ released on Janmashtami.

    जन्माष्टमी पर रिलीज हुआ भावपूर्ण भजन ‘आन बसो मेरे मन दर्पण में’

    August 26, 2026
    Shopping just got even more stylish! Sara Ali Khan launches Shoppers Stop's new credit cards.

    शॉपिंग अब और भी स्टाइलिश! सारा अली खान ने लॉन्च किए शॉपर्स स्टॉप के नए क्रेडिट कार्ड

    August 26, 2026
    Azim Premji Foundation to provide scholarships to 20,000 female students in Delhi.

    अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन दिल्ली में 20,000 छात्राओं को देगा स्कॉलरशिप

    August 26, 2026
    Women sanitation workers tied Rakhis to the Urban Development Minister.

    स्वच्छताकर्मी महिलाओं ने नगर विकास मंत्री को बांधी राखी

    August 26, 2026

    रक्षाबंधन: परंपरा, पहचान और बाजारवाद का संगम

    August 26, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading