कवियों ने अपनी रचनाओं से बनाया सबकों मूर्ख
बाराबंकी। शहर के लखपेड़ाबाग लॉन में 41वीं मूर्खिस्तान सरकार का गठन हुआ, इससे पहले मूर्खाधिराज अशोक सैनी ने गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली और महालण्ठ, अंगच्छवि बण्टाधार सम्मेलन व मशविरा किया गया। मूर्खिस्तान के मूर्खोंं को टमाटर गाजर-मूली से जमकर उनका स्वागत हुआ। अधिवेशन में नामचीन मूर्खों का जमावड़ा हुआ।
सभा प्रारम्भ में तीखे शब्दों से सबको धिक्कारा गया, फिर कवियों ने अपनी रचनाओं से सबकों मूर्ख बनाया। सभा का संचालन कर रहे रत्नेश कुमार से राष्ट्रपति ने माइक छीन कर अपने हाथों में ले लिया और मूर्खिस्तान सरकार के मन्त्रियों के विभागों का बंटवारा करते हुए सभी को पदका दुरूपयोग करने की शपथ दिलाई। राष्ट्रपति के अभिभाषण में ही खूब जूतम पैजार हुआ और स्पीकर मा0 सबाह ने सदन को शान्त कराकर कार्यवाही को आगे बढ़ाया।
राष्ट्रपति अशोक सैनी ने अपने सम्बोधन में देश की ऐतिहासिकता पर प्रकाश डाला। कहा कि शहर गधों से आबाद था बेगमगंज से लेकर सिविल लाइन, कचेहरी नहर कालोनी रेलवे स्टेशन गधों का चारागाह थी। नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को अपने पद का दुरूपयोग करना चाहिए और चारागाह खाली कराकर देश में स्थाई सरकार बनाना चाहिए। राष्ट्राध्यक्ष ने जद्दोजहद के बाद चुने गये मंत्रिमण्डल में विभागों का बंटवारा किया और सभी मंत्रियों को पद के दुरूपयोग करने की शपथ दिलाई।
प्रधानमंत्री अशोक सैनी बने राष्ट्रपति
बाराबंकी। मूर्खिस्तान की नई सरकार गठित हुई। सर्वसम्मति से राष्ट्रपति पद पर मूर्खाधिराज अशोक सैनी व प्रधानमंत्री पद पर डा विवेक वर्मा चुने गये। शपथ ग्रहण समारोह में स्वास्थ्य विनाश और पोस्टमार्टम विकास मंत्री डा फिदा हुसैन ने कहा कि हम अस्पतालों को शीघ्र ही पोस्टमार्टम हाउस के रूप में विकसित करेंगे। देश में उद्यान उजाड़ मंत्री कवि अनिल कुमार श्रीवास्तव ‘‘लल्लू‘‘ ने कहा कि हमारा प्रयास होगा कि लोग हंसना-हंसाना भूलें, पर्यावरण का विनाश हो। वहीं देश की समस्याओं को रखते हुए अन्याय बढ़ाओं, कानून मिटाओ मंत्री हुमायू नईम ने कहा कि जजों की नियुक्ति का पैमाना बदलना चाहिए, ऐसा जज बनाया जाय जो अपने मन का काम करे कानून की बात न समझे।







