लविवि के कुलपति ने विद्यार्थियों से मांगे सुझाव, गदगद होकर विद्यार्थियों ने रखी अपनी बात

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छात्रा ने बतायी पुस्तकालय की समस्या तो समाधान के लिए आश्वस्त कर उसे बनाया समिति का सदस्य

लखनऊ, 22 जनवरी 2020: लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एके राय ने परास्नातक के विद्यार्थियों से संवाद स्थापित किया। बुधवार को मालवीय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे कुलपति प्रोफेसर एके राय ने विद्यार्थियों से अपनी बात रखने का अनुरोध किया। इसके साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय को ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए तथा विद्यार्थियों की सुविधाओं के लिए किए जाने वाले कार्य पर सुझाव मांगे। कुलपति के इस बात से गदगद हुए विद्यार्थियों ने खुलकर अपनी बातें रखीं और विश्वविद्यालय की प्रगति के लिए सुझाव दिये। विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय की समस्याएं भी बताईं, जिसके समाधान के लिए कुलपति ने आश्वस्त किया।

कुलपति ने कहा कि छात्र केवल समस्याएं न बताएं, वे उनका समाधान भी बता सकते हैं। कुलपति के अनुरोध के बाद अनन्या त्रिपाठी नामक छात्रा ने पुस्तकालय की समस्याओं के बारे में कुलपति को अवगत कराया। कुलपति ने शीघ्र समाधान के लिए आश्वासन दिया एवं उसी छात्रा को पुस्तकालय समिति का सदस्य बनाने के लिए अधिष्ठाता, छात्र कल्याण को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि छात्र ही विश्वविद्यालय के भविष्य तथा उर्जा पुंज है। छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन को जाने-समझे तथा विश्वविद्यालय के लिए खुद को समर्पित करें, ऐसा कुलपति ने आग्रह किया। कुलपति ने कहा कि छात्र अधिष्ठाता छात्र कल्याण के निर्देशन में मेरा विश्वविद्यालय मेरी पहचान अभियान प्रारम्भ कर सकते हैं।

परीक्षा संबंधी बदलाव के बारे में भी कुलपति ने कुछ प्रस्ताव रखे:

उन्होंने प्रस्ताव रखा कि परास्नातक स्तर में प्रश्न-पत्र विश्लेषणात्मक एवं स्नातक स्तर पर प्रश्नपत्र अवधारणात्मक होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा के बाद छात्रों का अंक पत्र लैमिनेट कराकर उनके घर के पते पर पहुंचाया जाएगा। पुरातन छात्र-संसद विश्वविद्यालय का अमूल्य धरोहर है। अतः पुरातन छात्र-संसद का सम्मान करना और उनसे मार्गदर्शन लेने के लिए कुलपति ने विद्यार्थियों से अनुरोध किया। उन्होंने पौधरोपण के साथ-साथ एक पेड़ को गोद लेने के लिए भी आग्रह किया। ज्येष्ठ छात्र अपने कनिष्ठ छात्रों का अभिभावक बनें, ऐसा भी माननीय कुलपति ने अपना मत व्यक्त किया।

कुलपति ने अपेक्षा की कि विश्वविद्यालय में एक केंद्रीय प्लेसमेंट सेल का गठन होना चाहिए, इसके साथ ही सभी विभाग अपने-अपने विभाग में भी प्लेसमेंट सेल का गठन करें, जिससे छात्रों के रोज़गार सम्बन्धी समस्यायों का निराकरण किया जा सके।

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