राहुल कुमार गुप्ता
यूपी में लोकतंत्र का महापर्व हो और श्री राम का नाम ना हो तो यह महापर्व अधूरा सा लगता है। लोकतंत्र के इस महापर्व में श्री राम का नाम लगभग तीन दशकों से अपनी तीव्रता पर है कुछ और वर्षों तक शायद श्री राम नाम का प्रयोग वोटों के लिए लोकतंत्र के महापर्व पर होता रहे।
जब यूपी में लोकसभा और विधानसभा चुनाव में श्री राम की जन्म स्थली अयोध्या अपना महत्वपूर्ण स्थान रखती है। तब श्री राम की तपोस्थली पावन चित्रकूट धाम पीछे क्यों रहे?
यहां चुनावी चर्चा में अगर आप जाते हैं तो एक संघर्षशील युवा चेहरा आपके सामने आता है। जिसे कम उम्र में ही प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी समाजवादी पार्टी ने 2013 में पहली बार चित्रकूट जिले का पूरा दायित्व दे दिया।
इनके संघर्षों, कर्तव्यनिष्ठा और व्यवहार कुशलता की चर्चाएं यहां आमजनों में भी खास हैं। इसी वजह से पार्टी हाईकमान ने चौथी बार वर्तमान में भी इन्हें पार्टी जिलाध्यक्ष का दायित्व दे रखा है। इस चुनावी चर्चा में हमारे विशेष संवाददाता/सीनियर कापी एडीटर राहुल कुमार गुप्ता की युवा नेता सपा जिलाध्यक्ष चित्रकूट अनुज सिंह यादव से लंबी वार्ता हुई।
चित्रकूट जिले में दो विधानसभा सीट हैं एक कर्वी और दूसरी मऊ-मानिकपुर। वर्तमान में दोनों सीट पर सत्ता दल बीजेपी का मजबूत कब्जा है। मऊ-मानिकपुर से विधायक आनंद शुक्ला तथा कर्वी से चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय हैं। चंद्रिका जी उत्तर प्रदेश शासन में राज्य लोक निर्माण मंत्री भी हैं। क्षेत्र में इनकी सादगी, सरलता, सज्जनता और ईमानदारी के लोग कायल हैं। क्षेत्र से ही बीजेपी के सांसद आर के सिंह पटेल हैं।
इन दिग्गजों के बीच और सत्ता के खिलाफ युवा नेता अनुज सिंह यादव ने सपा के संगठन को जिले में लगातार मजबूत किया है। हर जाति धर्म के हजारों लोगों को सपा के साथ जोड़ने का काम किया है। यहां तक की जेल के अंदर से भी अपनी पार्टी का शानदार नेतृत्व किया है। पेश है उनसे बातचीत के अंश –

लोगों का कहना है कि आपने विरासत में मिली राजनीति को चित्रकूट में नये आयाम दिये हैं ? राजनीति का यह सफर आपने कब शुरू किया?
सपा के शैशवकाल से लेकर जिले में समाजवादी पार्टी की स्थापना में और संगठन को आगे बढ़ाने में आदरणीय पिताजी श्री राजबहादुर यादव जी का महत्वपूर्ण स्थान रहा। उन्होंने अपनी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से चित्रकूट जिले में संगठन को मजबूत करने का काम किया है। 6 मई 1997 को चित्रकूट जिला बांदा जिला से अलग हो गया और इसके हिस्से में दो विधानसभा सीटें आई एक मऊ-मानिकपुर और एक कर्वी विधानसभा सीट। संसदीय क्षेत्र अभी भी बांदा के साथ ही पूरा होता है। समाजवादी विचारधारा का मेरे रग-रग में बहना आदरणीय पिताजी की ही देन है। 2013 में हमारे ऊपर दुखों का पहाड़ टूटा पिताजी इस लोक को छोड़ गोलोक को सिधार गए। उसके बाद समाजवादी पार्टी के हाईकमान ने 2013 में मुझे पहली बार चित्रकूट जिले में अपनी पार्टी का दायित्व जिलाध्यक्ष के रूप में दिया। बीच-बीच में पार्टी के दिशा निर्देशों के चलते बदलाव भी हुए इन बदलावों के बीच वर्तमान में हमें चौथी बार जिलाध्यक्ष का दायित्व मिला हुआ है। तब से लेकर आज तक निरंतर समाजवादी विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाने का काम मैंने और मेरे संगठन के सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने किया। हजारों लोगों को पार्टी के साथ जोड़ने का काम किया गया है और यह काम निरंतर चल रहा है। हर रोज सैकड़ों लोग माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी व उनकी नीतियों से प्रभावित हो पार्टी की सदस्यता ले रहे हैं। सभी जातियों को संगठन में उचित सम्मान देकर संगठन की जड़ों को मजबूत करने का काम भी हो रहा है।
2022 में जिले की दोनों विधानसभा सीटों में आपके समक्ष क्या चुनौतियां हैं?
उत्तर प्रदेश में माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी की जो आंधी चल रही है। और यहां जो थोड़ी बहुत चुनौतियां रही होंगी वो इस आंधी में पूरी तरह उड़ चुकी हैं। जनता योगी शासन से तंग आ चुकी है वो बदलाव चाह रही है। ऐसे में बहुत ज्यादा चुनौतियां अब बची नहीं हैं क्योंकि यह चुनाव जनता लड़ रही है।
हमें सभी जातियों और धर्मों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। जिले के लोगों को विदित है कि जो विकास के कार्य सपा में हुए हैं उसके अलावा कोई नया कार्य जिले में इस सरकार में होता नहीं दिखा तो इस वजह से भी यहां के लोग हमारे साथ जुड़ रहे हैं। निषाद और व्यापारी अभी फिफ्टी पर्सेंट ही हमारे साथ हैं। जल्द ही सबका पूरा समर्थन हमको मिलेगा।
ईमानदारी व सरलता के मूर्त रूप कहे जाने वाले राज्य मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय के समक्ष कर्वी विधानसभा में आप की पार्टी खुद को कहां पाती है?
जवाब- ईमानदारी और सरलता इंसान के अच्छे गुणों में से एक हैं लेकिन इसी का फायदा इनके नीचे के नेताओं और इनके विभाग लोकनिर्माण के अधिकारियों व कर्मचारियों ने उठाया। बहुत से भ्रष्टाचार हुए । अब ऐसी सरलता और ईमानदारी का क्या फायदा जो अपने साथ जुड़े लोगों को भ्रष्टाचार से न रोक सके।
हमारी पार्टी में जनहित के मुद्दों को लेकर छोटा से छोटा कार्यकर्ता ईमानदार है और हां! सरल भी हैं लेकिन अधिकारी कर्मचारी या कोई अन्य गलत नहीं करता तब तक! अगर कोई गलत है तो सरलता मात्र से काम नहीं चलता। व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए निडरता, अनुशासन और कठोर निर्णय लेने की भी आवश्यकता होती है।
पिछले विधानसभा चुनाव में मोदी लहर के कारण हमारे माननीय विधायक वीर सिंह पटेल जी लगभग 15000 वोटों से ही चुनाव हारे थे। और सत्ता के चलते मऊ-मानिकपुर में माननीय डा. निर्भय पटेल जी विधानसभा उपचुनाव में दूसरे नंबर पर रहे। वो भी सत्ता की मेहरबानी से मात्र कुछ हजार वोटों से ही हारे। इस बार माननीय अखिलेश यादव जी की लहर है और यह चुनाव हम दोनों सीटों में तीस-चालीस हजार से अधिक वोटों से जीतेंगे।
‘जो राम को लाये हैं हम उनको लायेंगे’, इस गाने का यूपी में बड़ा क्रेज है आप इसे किस नजरिए से देखते हैं?
भाजपा वाले लोग मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम को कैसे ले आएंगे सतयुग में भाजपा थी, ऐसा किसी धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख नहीं है। हमने सुना है पढ़ा है कि भाजपा की स्थापना 41 साल पहले हुई है। हम एक मूर्ति या मंदिर मात्र को ही राम नहीं कह सकते। हमारे प्रभु श्री राम ब्रह्मांड से ज्यादा विस्तृत हैं। राम अनंत हैं। राम आदि हैं। राम अनादि हैं। राम दयालु हैं। राम कृपालु हैं। राम समस्त विश्व के हैं। राम मर्यादा और नैतिकता का पर्याय हैं। राजाराम प्रजा के सुखों के कारक हैं। राम मोक्ष कारक हैं। राम सबसे बड़े तपस्वी भी रहे। यह चित्रकूट भी श्री राम की तपोस्थली का गवाह है। राम के इन सारे गुणों से बीजेपी का कोई लेना देना हो तो आप ही बताइए। प्रभु श्री राम को इस गाने ने संकुचित करने का काम किया है। श्री राम ब्रह्मांड से ज्यादा विस्तीर्ण हैं। इस बार प्रदेश की जनता ऐसी अंहकारी सत्ता को जड़ से उखाड़ने का कार्य करेगी।
आपके संघर्षों की गूंज राजधानी तक है आप इस बात से कितना इत्तेफाक रखते हैं?
लोकतंत्र में विपक्ष का जिंदा होना आवश्यक है और हमें गर्व है हमारे संगठन का एक-एक कार्यकर्ता जिंदा है। सरकार की गलत नीतियों व गलत फैसलों के खिलाफ आंदोलन स्वस्थ लोकतंत्र की सांसें हैं। पिछले वर्ष की भरी गर्मी में योगी सरकार की तानाशाही रवैये के खिलाफ जब हम और हमारे संगठन के साथी सड़कों पर उतरे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का पुतला फूंका तो प्रशासन ने हमारे और हमारे 12 साथियों के खिलाफ राजद्रोह जैसा बड़ा मुकदमा लगाकर फंसाने का कार्य किया। यह हमारे संवैधानिक अधिकारों का हनन ही है।
हम लोगों को जेल में प्रताड़ित भी किया गया। आतंकियों जैसा दुर्व्यवहार हुआ बहुत ज्यादा कड़ाई रही। लेकिन तब भी जेल में रहकर ही जिला पंचायत चुनाव का नेतृत्व किया। जेल में बंद अपने दो समाजवादी साथियों को जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी लड़ाया। लोगों ने खूब सपोर्ट किया लेकिन शासन-प्रशासन जीत गया और हमारे दोनों साथी दूसरे नंबर पर रहे। अभी अकेले मेरे ऊपर 14-15 मुकदमे लगाए जा चुके हैं। वजह यही है कि हम लोगों के कामकाज को देखकर सत्ता पक्ष के हौसले पस्त हैं। पार्टी हाईकमान ने भी हम लोगों का बहुत साथ दिया हम सभी साथी जमानत पर बाहर हैं।
यदि आपकी पार्टी की सरकार बनती है तो जिले के विकास के लिए सपा के घोषणापत्र के अलावा आप क्या-क्या करना चाहेंगे?
यदि का सवाल ही नहीं उठता सरकार शत प्रतिशत बन रही है। सरकार बनने के बाद जिले में रुके हुए विकास कार्य अपनी तीव्रता को प्राप्त होंगे। सपा सरकार में ही जिले का निर्माण हुआ, विकास हुआ और आगे भी सपा सरकार में इस जिले का तीव्रतर विकास होगा। माननीय अखिलेश जी की सरकार में कर्वी का ओवर ब्रिज, कामतानाथ प्रभु का परिक्रमा मार्ग का सुंदरीकरण, गांवों को कनेक्ट करने के लिए तमाम पक्की सड़कें तथा समाजवादी लोहिया ग्रामीण बस सेवा की शुरुआत, रोडवेज बस स्टैंड, रोपवे आदि बहुत से कार्य पहले हो चुके हैं। इस बार जो कुछ कार्य शेष रह गए हैं उन्हें पूरा किया जाएगा। उद्योगों और कारखानों को यहां लाने के लिए पूरा प्रयास करेंगे ताकि जिले के तमाम लोगों को अपने घर के आस-पास ही अच्छा रोजगार मिल सके।







