देशभर का आंदोलन लखनऊ पहुंचा! RTE पूर्व नियुक्त शिक्षकों ने टीईटी अनिवार्यता को बताया ‘काला कानून’
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर आज टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व में हजारों प्राथमिक शिक्षकों ने टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) को अनिवार्य बनाने के खिलाफ जोरदार धरना और मार्च निकाला। शिक्षकों ने इसे सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के फैसले के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर का आंदोलन बताया, जिसमें पुराने शिक्षकों को भी टीईटी पास करने की बाध्यता डाली गई है।

विशाल धरना प्रदर्शन के पीछे यह था मुख्य मुद्दा:
- RTE अधिनियम 2009 (27 जुलाई 2011 से लागू) में टीईटी केवल नए नियुक्त शिक्षकों के लिए अनिवार्य था।
- पूर्व नियुक्त शिक्षकों को छूट थी।
- लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 के फैसले में कहा कि सभी सेवारत शिक्षक (कक्षा 1-8) को टीईटी पास करना होगा, खासकर जिनकी सेवा में 5 साल से ज्यादा बाकी है, उन्हें 2 साल (सितंबर 2027 तक) में पास करना अनिवार्य।
- न पास करने पर प्रमोशन नहीं, और कुछ मामलों में सेवा प्रभावित हो सकती है।

लखनऊ में टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ हजारों शिक्षकों का विशाल धरना, PM को भेजा ज्ञापन
इस विषय पर शिक्षकों का कहना है कि यह पूर्व नियुक्त शिक्षकों के साथ सरासर अन्याय है, क्योंकि वे पहले से योग्यता पूरी करके सेवा में हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले आंदोलन चल रहा है। वे भारत सरकार से अध्यादेश लाकर पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग कर रहे हैं।
धरने की हाइलाइट्स:
- उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुधांशु मोहन ने अध्यक्षता की।
- संचालन मंत्री वीरेंद्र सिंह ने किया।
- ज्ञापन सहायक पुलिस आयुक्त चौक राज कुमार सिंह के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा गया।
- कौन- कौन मौजूद रहे: टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वंदना सक्सेना, विभिन्न ब्लॉक्स के अध्यक्ष-मंत्री जैसे अजय सिंह, महेंद्र कुमार, अवधेश कुमार, प्रदीप सिंह, योगेंद्र सिंह आदि, साथ ही उत्तर प्रदेश जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के डॉ. प्रभा कांत मिश्रा, सुधीर सहगल और दर्जनों महिला शिक्षिकाएं।
बता दें कि यह धरना लखनऊ में ही नहीं, बल्कि देशभर में शिक्षकों के गुस्से का प्रतीक है शिक्षा की गुणवत्ता vs पुराने शिक्षकों के अधिकार का टकराव! क्या सरकार अध्यादेश लाएगी या कोर्ट में रिव्यू पिटीशन चलेगी? फिलहाल आंदोलन जारी रहेगा!






