लखनऊ,01 जुलाई 2019: आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजकों अवधेश कुमार वर्मा, ने कहा कि यूपी सरकार द्वारा 24 जून को 17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने के निर्णय के मौजूदा स्वरूप का हर स्तर पर विरोध किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश का आरक्षण समर्थक इस व्यवस्था को तभी स्वीकार करेगा जब 17 अति पिछड़ी जातियां अपना पूरा हिस्सा लेकर अनुसूचित जाति परिवार में शामिल हों। उन्होंने कहा कि यह कैसा न्याय है कि संविधान प्रदत्त दलितों के अधिकार को निष्प्रभावी बनाने के लिये सरकार ने इस प्रकार का निर्णय लिया है, जिससे आने वाले समय में दलित व पिछड़े वर्ग के भाइयों के सामाजिक गठजोड़ में दरारें भी आयेंगी।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय दलित व पिछड़ों को आपस में लड़ाने की साजिश है। 17 अति पिछड़ी जातियां जिनकी प्रदेश में जनसंख्या लगभग 14 प्रतिशत है। फिर ऐसे में उप्र की सरकार द्वारा अनुसूचित जाति को मिलने वाले आरक्षण की सीमा लगभग 35 प्रतिशत किये बिना उसमें कोई भी अतिक्रमण किया जाना संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ है।






