वाशिंगटन, 6 अगस्त 2025: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आयात होने वाली दवाओं पर 250% टैरिफ लगाने की कड़ी चेतावनी दी है। सीएनबीसी को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा, “हम फार्मास्यूटिकल्स को अमेरिका में ही बनाएंगे। शुरू में छोटा टैरिफ लगेगा, लेकिन एक-डेढ़ साल में यह 150% और फिर 250% तक पहुंचेगा।” यह कदम अमेरिकी दवा निर्माण को बढ़ावा देने की उनकी रणनीति का हिस्सा है।
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माना जाता है कि भारत दुनिया का बड़ा जेनेरिक दवा आपूर्तिकर्ता है, बता दें कि अमेरिका को 2024-25 में 9.8 बिलियन डॉलर की दवाएं निर्यात करता है, जो इसके कुल फार्मा निर्यात का 31% है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतना भारी टैरिफ भारतीय दवा कंपनियों की प्रतिस्पर्धी कीमतों को कमजोर कर सकता है, जिससे सन फार्मा, डॉ. रेड्डीज़, और सिप्ला जैसी कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है। साथ ही, अमेरिकी मरीजों को सस्ती जेनेरिक दवाओं की बढ़ती कीमतों का बोझ उठाना पड़ सकता है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है। भारतीय फार्मा उद्योग अब नए बाजारों की तलाश और स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग रणनीतियों पर विचार करने को मजबूर है।







