पढ़ा-लिखाया लाइनमैन बेटा बहू के दबाव में मां को घर से निकाल बाहर कर गया; मां ने वीडियो वायरल कर दी पूरी कहानी- क्या परिवार में अब मां-बाप बोझ बन गए?
इंदौर : मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में आज सुबह करीब 10 बजे एक ऐसी घटना घटी, जिसने पूरे समाज की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक 80 वर्षीय बुजुर्ग मां को उनका इकलौता बेटा बस स्टैंड पर अकेला छोड़कर चला गया। ठंडी हवा और भीड़भाड़ वाले स्टेशन पर बैठी वह मां फूट-फूटकर रो पड़ीं , यह दृश्य किसी का भी दिल तोड़ देने वाला था।
बेटा एक लाइनमैन की नौकरी करता है। मां ने उसे पढ़ा-लिखाकर बड़ा किया, लेकिन आज बुढ़ापे में वह अपनी मां की देखभाल नहीं कर पा रहा। घर में बहू और सास के बीच झगड़ा हुआ। बहू ने सास को घर से निकालने का अल्टीमेटम दे दिया। मजबूर बेटे ने मां को बस स्टैंड पर छोड़ दिया।

बाद में मां ने अपना दर्द सोशल मीडिया पर वीडियो के जरिए सबके सामने ला दिया। वीडियो वायरल होने के बाद लोग भड़क उठे।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं —
- एक यूजर ने लिखा: “ये कैसा बेटा है जो पत्नी के कहने पर मां को छोड़ भागा? क्या मां इसी दिन के लिए 9 महीने पेट में रखती है और गीले में सोती है? धिक्कार है ऐसी संतानों पर!”
- किसी ने कहा: “कलयुग है दादा, सब कुछ जायज हो गया।”
- एक और कमेंट: “ऐसे नालायक बेटे को सजा मिलनी चाहिए।”
- किसी ने संतुलित नजरिया रखते हुए लिखा: “बुजुर्ग मां की पीड़ा समझ आती है, लेकिन पारिवारिक मसले सोशल मीडिया पर लाना आखिरी रास्ता होना चाहिए। यह घटना रिश्तों की टूटती जिम्मेदारी दिखाती है।”
- इरशाद अंसारी : ऐसे नालायक बेटा को सजा मिलनी चाहिए
- वाणी : इंसानियत नाम की कोई चीज ही नहीं रही इतनी शर्म की बात है
बता दें कि यह सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं यह उस समाज की तस्वीर है जहां बेटे-बहुओं के बीच संतुलन बिगड़ रहा है, जहां बुजुर्ग माता-पिता बोझ बन गए हैं। क्या मां का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करवाना सही था? या परिवार के भीतर ही इस दर्द को सुलझाना चाहिए था?
वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें – https://x.com/i/status/2018586638629401038
क्योंकि आज जब हम “परिवार” शब्द का इस्तेमाल करते हैं, तो क्या यह सिर्फ एक शब्द भर रह गया है? मंदसौर की इस घटना ने एक बार फिर याद दिला दियाकि मां की गोद कभी ठंडी नहीं होनी चाहिए, लेकिन अफसोस कि कई घरों में आज वह गोद खाली पड़ी है।






