fathers day 21 special
मां की तरह ही पिता भी बच्चे के भावनात्मक विकास के स्तंभ होते हैं। पिता और बच्चे जैसा रिश्ता कोई दूसरा नहीं होता। यह भूमिका बच्चे पर बहुत गहरा प्रभाव छोड़ती है और उन्हें एक बेहतर इंसान बनाने में मदद करती है। ‘फादर्स डे’ के मौके पर एण्ड टीवी ने हर दौर के प्रेरणादायी लीडर, डाॅ. बी.आर आम्बेडकर को प्रेरित करने वाले उनके पिता रामजी मालोजी सकपाल को याद किया।
खूबसूरत सिद्धांतों, मार्गदर्शन और सीख से बुनकर रामजी ने बाबासाहेब के जीवन को आकार देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। वह एक मार्गदर्शक, विचारक और कमाल के गुरू का एक सटीक उदाहरण हैं। रामजी मालोजी और उनके ही जैसे कई अन्य पिताओं को फादर्स डे पर याद करने के लिये एण्ड टीवी एक स्पेशल एपिसोड ‘एक प्रेरणा रामजी सकपाल’ का प्रसारण करेगा। ‘एक महानायक-डाॅ. बी.आर आम्बेडकर’ शो से रामजी और नन्हें बाबासाहेब के बीच के कुछ यादगार पलों को, 21 जून, रविवार दोपहर 2 बजे प्रसारित किया जायेगा।
एण्ड टीवी के कुछ कलाकार रामजी सकपाल की सीख से प्रेरित होते हुए इस बारे में अपने विचार व्यक्त किये हैं। उन्होंने बताया कि क्यों वो उन्हें आदर्श के तौर पर देखते हैं और डाॅ. आम्बेडकर के जीवन और विचारों में उनका क्या योगदान रहा।
‘एक महानायक डाॅ. बी.आर आम्बेडकर’ में रामजी मालोजी सकपाल की भूमिका निभा रहे, जगन्नाथ निवानगुने अपनी बात रखते हुए कहते हैं, ‘‘रामजी एक सेना अधिकारी थे और सूबेदार के पद पर थे। अपने सिद्धांतों और विचारों को लेकर वे काफी दृढ़ थे। उन्होंने अपने बच्चों को सपने देखने और उन्हें पूरा करने की पूरी आजादी दी थी। बाबासाहेब के जीवन पर उनका काफी प्रभाव था। हर मुश्किल परिस्थिति में उनका सहयोग और उनकी चिंता अद्भुत थी और अपने बच्चों की बेहतरी के लिये वे पूरी तरह समर्पित थे। रामजी अपने महत्वाकांक्षी और दूरदर्शी बेटे की मुश्किल परिस्थिति में एक मजबूत स्तंभ की तरह उनके साथ खड़े रहे। वह अपने मूल्यों और सीख पर हमेशा ही डटे रहते थे। अपने पिता के बताये रास्ते पर चलकर डाॅ. बी.आर आम्बेडकर दुनिया में अपनी एक पहचान बनाने के ऐतिहासिक सफर पर निकल पड़े थे। हमें उस लीडर के पीछे जिस पुरुष का हाथ है, उन्हें शुक्रिया कहना चाहिये, जिन्होंने अपने बेटे की परवरिश इस तरह की, कि वो अपने दौर के प्रेरक लीडर बने। रामजी, बाबासाहेब के ना केवल सपोर्ट सिस्टम थे, बल्कि वह पूरे परिवार की रीढ़ थे और सबको उन्होंने एक साथ जोड़कर रखा था।’’







