मुंबई/नागपुर: अप्रैल 2026 महाराष्ट्र के लिए दोहरी खुशखबरी लेकर आ रहा है। एक तरफ आभूषण उद्योग अपना सबसे बड़ा B2B मंच सजा रहा है, तो दूसरी तरफ सौर ऊर्जा क्षेत्र में नागपुर से निकली क्रांति पूरे देश को नई दिशा देने जा रही है।
जीजेएस 2026’ में आभूषणों का नया युग
मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में 4 से 7 अप्रैल तक इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी शो (जीजेएस अप्रैल 2026) का 9वां संस्करण आयोजित होगा। थीम “अक्षय कला: द एटरनल आर्ट” के साथ यह शो भारतीय कारीगरी की अमर विरासत को आधुनिक डिजाइन के साथ जोड़कर विश्व पटल पर पेश करेगा।
महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री श्री चंद्रशेखर बावनकुले मुख्य अतिथि होंगे, जबकि प्रसिद्ध जौहरी जवेरी काका (जवेरीलाल वी. मंडालिया) गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में मौजूद रहेंगे।
400 से ज्यादा प्रदर्शकों और 700+ बूथ्स के साथ यह शो 15,000 से अधिक व्यापारियों और विजिटर्स को आकर्षित करने वाला है। शादी के सीजन और अक्षय तृतीया से ठीक पहले होने वाला यह आयोजन हल्के गोल्ड ज्वेलरी और डायमंड डिजाइनों की बढ़ती डिमांड को नई ऊर्जा देगा। साथ ही “मंथन” सेशन में 2047 तक भारत को “ज्वेलर टू द वर्ल्ड” बनाने की रणनीतियां भी तैयार की जाएंगी।
नागपुर से सोलर सुपरपावर की शुरुआत
इसी दौरान नागपुर में अवादा इलेक्ट्रो की अत्याधुनिक सोलर मॉड्यूल फैक्ट्री ने उद्योग जगत का ध्यान खींच लिया है। यहां हर 16 सेकंड में एक उच्च क्षमता का 720Wp एन-टाइप TOPCon सोलर मॉड्यूल तैयार हो रहा है।
यह प्लांट कम रोशनी में भी बेहतर प्रदर्शन करने वाला मॉड्यूल बना रहा है, जो बिजली की लागत कम करने में अहम भूमिका निभाएगा। 8.5 गीगावाट की उत्पादन क्षमता वाली यह पूरी तरह स्वचालित यूनिट ‘पीएम सूर्य घर’ जैसी सरकारी योजनाओं को भी मजबूती देगी।
अवादा समूह के अध्यक्ष विनीत मित्तल ने कहा, “नागपुर की यह इकाई महाराष्ट्र को सोलर सुपरपावर बनाने और हर घर तक स्वच्छ ऊर्जा पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”
दोनों आयोजन एक साथ महाराष्ट्र की प्रगति और नवाचार की मिसाल पेश कर रहे हैं – एक तरफ परंपरा और सौंदर्य का संगम, दूसरी तरफ भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा की नींव। अप्रैल 2026 इन दोनों क्षेत्रों के लिए यादगार साबित होने वाला है।







