मॉस्को/कीव, 25 अगस्त 2025: यूक्रेन के 34वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रूस ने आरोप लगाया कि यूक्रेन ने उसके पश्चिमी कुर्स्क क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख परमाणु बिजली संयंत्र पर ड्रोन हमला किया। रूसी अधिकारियों के अनुसार, इस हमले से कुर्स्क परमाणु संयंत्र के रिएक्टर नंबर-3 की परिचालन क्षमता 50% तक कम हो गई, क्योंकि एक सहायक ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गया। संयंत्र में आग लगी, जिसे समय रहते काबू कर लिया गया। विकिरण स्तर सामान्य रहा और कोई हताहत नहीं हुआ।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने रविवार रात तक 12 से अधिक क्षेत्रों में 95 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए।क्षेत्रीय गवर्नर अलेक्जेंडर ड्रोज़्डेंको ने पुष्टि की कि आग पर काबू पाने के लिए आपातकालीन सेवाएं तैनात की गईं, और इस घटना में भी कोई हताहत नहीं हुआ।
दोनों पक्षों का जवाबी हमला
यूक्रेन की वायु सेना ने बताया कि रूस ने उसी रात यूक्रेन पर 72 ड्रोन और एक क्रूज मिसाइल दागे, जिनमें से 48 को नष्ट या जाम कर दिया गया। यूक्रेन ने कुर्स्क हमले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया, लेकिन राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने स्वतंत्रता दिवस पर कीव के स्वतंत्रता चौक से देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा, “हम एक ऐसा यूक्रेन बना रहे हैं, जो सुरक्षा और शांति के साथ जी सके। हमारा भविष्य हमारे हाथों में है।”
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और सैन्य सहायता :
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल मरियानो ग्रोसी ने कुर्स्क हमले की खबरों पर चिंता जताते हुए कहा कि परमाणु सुविधाओं की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित होनी चाहिए। IAEA ने स्वतंत्र जांच की आवश्यकता जताई, क्योंकि हमले की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इस बीच, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कीव का दौरा किया और जेलेंस्की से मुलाकात की। नॉर्वे ने यूक्रेन को 695 मिलियन डॉलर की सैन्य सहायता की घोषणा की, जिसमें जर्मनी के सहयोग से दो पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हैं। उधर, रूस ने दावा किया कि उसकी सेना ने डोनेस्क क्षेत्र में दो गांवों पर कब्जा कर लिया है, जहां पूर्वी मोर्चे पर लड़ाई तेज हो रही है।
परमाणु संयंत्र को निशाना बनाने का आरोप और तनाव :
रूस ने यूक्रेन पर परमाणु संयंत्र को निशाना बनाने का आरोप लगाया, जबकि यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस पर चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र पर ड्रोन हमले का जवाबी आरोप लगाया। दोनों पक्षों के बीच ड्रोन युद्ध तेज हो गया है, जिससे तनाव चरम पर है। रूस के सिज़रान शहर में एक ड्रोन हमले में एक बच्चा घायल हुआ, और वहां की तेल रिफाइनरी को भी नुकसान पहुंचा।
बता दें कि दोनों पक्षों के बीच बढ़ते ड्रोन हमले और जवाबी कार्रवाइयां शांति वार्ता की राह को और जटिल बना रही हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से IAEA, ने दोनों देशों से संयम बरतने और परमाणु ठिकानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
हालांकि, यूक्रेन का कहना है कि वह अपनी संप्रभुता और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए मजबूरन जवाबी कार्रवाई कर रहा है, जबकि रूस इन हमलों को “आतंकवादी कृत्य” करार दे रहा है। इस बीच, पश्चिमी देशों की सैन्य सहायता यूक्रेन को मजबूती दे रही है, लेकिन यह संघर्ष को और लंबा खींचने का कारण भी बन सकता है।
यूक्रेन के स्वतंत्रता दिवस पर हुए इन हमलों ने रूस-यूक्रेन युद्ध की तीव्रता को फिर से उजागर किया है। परमाणु संयंत्रों को निशाना बनाना एक खतरनाक कदम है, जिसके दीर्घकालिक परिणाम हो सकते हैं। दोनों पक्षों को तत्काल बातचीत के जरिए तनाव कम करने की जरूरत है, ताकि क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता बनी रहे।







