यूपी के कासगंज में तनावपूर्ण शांति, अब तक 80 लोग गिरफ्तार

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अपराधी चाहे जितना बड़ा या प्रभावशाली हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी

कासगंज/लखनऊ, 28 जनवरी। गणतंत्र दिवस पर उत्तर प्रदेश के कासगंज में दो समुदायों के बीच हुई हिंसा के बाद इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। हालांकि आज शहर के नदरई गेट इलाके के बाकनेर पुल के पास एक गुमटी में आग लगा दी गयी। नामजद आरोपियों के घरों पर दबिश दी जा रही है। इस दौरान कुछ हथियार बरामद किये गये हैं।

पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि हिंसा में शामिल लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की तामील की जाएगी। अब तक 80 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। घर-घर में तलाशी ली जा रही है। कुछ जगहों पर विस्फोटक तत्व बरामद हो रहे हैं। इस सवाल पर कि क्या तिरंगा यात्रा के लिये इजाजत ली गयी थी, सिंह ने कहा कि गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय पर्व है और उसकी खुशी मनाने के लिये किसी की इजाजत की जरूरत नहीं है। इस बीच, हालात के मद्देनजर कासगंज में शांति समिति की बैठक आयोजित की गयी। उधर, आगरा जोन के अपर पुलिस महानिदेशक अजय आनन्द ने बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में दावा कि शहर में डर का माहौल नहीं है। पुलिस ने वारदात पर रोक लगायी है और घटनाओं में शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शा जाएगा। ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है। जब तक ऐसा आखिरी व्यक्ति नहीं पकड़ लिया जाता, तब तक हमारा अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि शांति समिति की बैठक में शहर के गणमान्य लोग शामिल थे और बैठक में तय किया गया कि सभी दुकानदार अपनी-अपनी दुकानें खोलेंगे।

वहीं बैठक में हिस्सा लेने वाले आगरा के मण्डलायुक्त सुभाष चन्द्र शर्मा ने कहा कि बैठक के दौरान सभी पक्षों ने अपना-अपना नजरिया पेश किया और मौजूदा हालात को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। प्रशासन ने उनकी हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया है। बैठक में शामिल लोगों से अपने-अपने इलाकों में निगरानी रखने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि दुकानदारों से कहा गया है कि वे अपने-अपने प्रतिष्ठान खोलें। प्रशासन सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। दुकानें खुलेंगी तो हालात धीरे-धीरे सामान्य हो जाएंगे। जिला प्रशासन वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों को चिह्नित कर रहा है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

इस बीच, प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कासगंज में हुई घटना को दुखद बताते हुए इसकी निन्दा की। उन्होंने कहा कि जो लोग भी इसके लिये दोषी हैं, उनमें से एक भी व्यक्ति नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद हालात की समीक्षा की है। अपराधी चाहे जितना बड़ा या प्रभावशाली हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब हमारे पास कड़े कानून आ गये हैं। यह गड़बड़ी करने वालों के लिये चेतावनी भी है। कुछ लोग लूटपाट कराने और आपसी मतभेद कराने कोशिश कर रहे हैं। दंगे करने वालों के साथ-साथ फसाद की साजिश करने वाले भी दण्डित होंगे।

विदित हो कि गणतंत्र दिवस पर विश्व हिन्दू परिषद, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, बजरंग दल समेत विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं द्वारा कासगंज के बड्डूनगर में मोटरसाइकिल रैली निकाले जाने के दौरान दोनों पक्षों के बीच पथराव और गोलीबारी हुई थी, जिसमें एक युवक की मौत हो गयी थी तथा एक अन्य जख्मी हो गया था। वारदात के दूसरे दिन भी शहर में हिंसा जारी रही। उपद्रवियों ने तीन दुकानों, दो निजी बसों और एक कार को आग के हवाले कर दिया था। प्रशासन ने शनिवार रात दस बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं ताकि सोशल मीडिया के जरिए फैलने वाली अफवाहों को रोका जा सके। रैपिड एक्शन फोर्स और पीएसी के जवान लगातार चैकसी कर रहे हैं। जिले की सीमाएं सील कर दी गयी हैं ताकि शांति भंग करने का प्रयास करने वालों को शहर में प्रवेश से रोका जा सके। आगरा जोन के अपर पुलिस महानिदेशक, अलीगढ के मंडलायुक्त, अलीगढ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक लगातार मौके पर बने हुए हैं।

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