- आयुर्वेदाचार्य एसके राय ने कहा, आयुर्वेद पोषक तत्व से ज्यादा ध्यान देता है पाचन क्रिया पर
लखनऊ, 31 मई 2020: चरक ने हमेशा पोषक तत्व से ज्यादा पाचन क्रिया पर ध्यान दिया है। हमारे यहां और दूसरे देशों में यही अंतर है कि हमारी परंपरा में दिनचर्या पर ध्यान दिया गया है, लेकिन विदेशों में पोषक तत्व पर ध्यान दिया जाता रहा है। यही कारण है कि वहां आज हमारे यहां से लोग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। हमें पोषक तत्व को खाने से जरूरी है कि हम अपनी जठराग्रंथी को मजबूत कर जो भी खा रहे हैं, उसके पाचन पर ध्यान दें। ये बातें कही आयुर्वेदाचार्य एसके राय ने। इसके साथ ही अपनी अंदर की ताकत अर्थात इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए गिलोई, अश्वगंधा और मुलेठी का प्रयोग करना चाहिए। यह कोरोना से लड़ने की ताकत को बढ़ाएंगा।
उन्होंने कहा कि हमारे शरीर में अग्नि और जल का ज्यादा महत्व है। उदाहरण के तौर पर यदि चावल को हम यदि पानी में पकाते हैं तो उसका दूसरा तो हैवी हो जाता है और वहीं उसे कच्चा आग में पका देते हैं तो वह लाई के रूप में हल्का हो जाता है और उसके गुण अलग हो जात हैं।
डाक्टर एसके राय ने कहा कि गिलोई अथवा गुरुच को पांच सौ मिली ग्राम सुबह और शाम लेना चाहिए। यह बाजार में गोली के रूप में भी उपलब्ध है। यह हमारी पुरानी परंपरा का हिस्सा रहा है। इससे तमाम रोग भी छु मंतर हो जाते हैं। उन्होंने हिन्दुस्थान समाचार से कहा कि अश्वगंधा में भी इम्यूनिटी बढ़ाने की बहुत बड़ी ताकत होती है। इसको भी पांच ग्राम लें। यह बहुत ही फायदेमंद है। यदि इसे एक समय लेते हैं तो बेहतर होगा कि आप शाम को सोते समय लें। तीसरी हाइकोरिक या मुलेठी है, यह डब्ल्यूबीसी के लिए और हमारा इन्वारमेंटल को ऐसा बनाता है, जिससे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बहुत बढ़ाता है।
आयुर्वेदाचार्य एसके राय ने कहा कि यह समय सूर्य के उत्तरायण का समय चल रहा है। इस कारण इसमें हमारे शरीर में कफ का समन होता है और वात इकट्ठा होने लगता है। उन्होंने हिन्दुस्थान समाचार से कहा कि हमारे शरीर में छह रस कटू, अम्ल, लवण, कसाय, तीक्त, मधुर रस होते हैं। वात यदि इकट्ठा होने लगता है तो वही आग चलकर हमें शरद ऋतु में परेशान करता है। इस समय आम का सेवन तो करना चाहिए लेकिन मैंगो शेक नहीं लेना चाहिए, क्योंकि मैंगोशेक कहीं न कहीं वात को बढ़ाता है।







