इलाहाबाद, 18 सितंबर : पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाडी और उत्तर प्रदेश के खेल मंत्री चेतन चौहान ने आज यहां कहा कि प्रदेश सरकार खेल के दौरान चोटिल खिलाडयिों के नि:शुल्क इलाज के लिए तीन फिजियोथैरेपी एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित करने जा रही है।
यहां आयोजित रोजगार मेले में आए चौहान ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, पहले खिलाडयिों को इलाज के लिए दर दर भटकना पडता था, लेकिन अब योगी सरकार उनके लिए तीन केंद्र शुरू करने जा रही है। ये केंद्र लखनऊ, वाराणसी और मेरठ में खुलने जा रहे हैं।
चौहान ने कहा, पिछले 20 साल से उत्तर प्रदेश में खिलाडयिों के लिए सरकारी नौकरियों के दरवाजे बंद थे जिसे हमने खोल दिए हैं। 11 विभागों में नौकरियां खोल दी हैं। जो खिलाडी प्रदेश, देश के लिए खेलेंगे, मेडल जीतेंगे, उन्हें नौकरी दी जाएगी।
उन्होंने कहा, खेल नीति पर हमारी चर्चा चल रही है। उत्तर प्रदेश में तीन स्पोट्र्स कॉलेज-लखनऊ, गोरखपुर और सैफई में हैं। इनमें राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाडयिों को चयनकर्ता बनाया गया है। इससे चयन में इस साल कोई शिकायत नहीं आई है और जो चयन हुआ है, वह प्रतिभा के आधार पर हुआ है। सभी 44 स्पोट्र्स हॉस्टलों में भी यही व्यवस्था अपनाई गई है।
चौहान ने कहा, हर तीन महीने में मैं बच्चों की प्रगति रिपोर्ट लूंगा, चाहे वे हॉस्टल के बच्चे हों या स्पोट्र्स कॉलेज के बच्चे हों जिससे यह पता चल सकेगा कि कोच कैसे सिखा रहे हैं और ये बच्चे कितना सीख रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किट भत्ता 1,000 रपये से बढाकर 2,500 रपये कर दिया गया है और अगले 10 साल के लिए उनका लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश से कम से कम पांच खिलाडी राष्ट्रमंडल खेल, एशियाई खेल और ओलंपिक से स्वर्ण पदक जीत कर लाएं।
खेल मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार इंडोर स्टेडियम को वातानुकूलित करने जा रही है। इसके अलावा आम आदमी भी स्टेडियम, इंडोर स्टेडियम जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल कर सके, इसकी व्यवस्था भी की जाएगी।
उन्होंने कहा, सरकार बडे बडे ढांचों पर पैसा खर्च करने के बजाय यह पैसा खिलाडयिों की सुविधा में इस्तेमाल करना चाहती है। जैसे सैफई में 450 करोड रपये की लागत से स्टेडियम बनाया गया है, लेकिन वहां सुविधा नहीं है, वहां जाएगा कौन। हम ऐसी जगह पैसा नहीं लगाएंगे।







