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पदोन्नति बिल पास कराने के लिए अन्य राज्यों सहित अब दिल्ली कूच की तैयारी

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  • आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति पदोन्नति बिल पास कराने को लेकर देश के दिल्ली हरियाणा, उत्तराखण्ड, मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, बिहार सहित अनेकों राज्यों के कार्मिक नेताओं से साधा सम्पर्क साझा मंच बनाकर दिल्ली कूच करने की तैयारी

लखनऊ, 18 जून। लोकसभा में लम्बित पदोन्नति में आरक्षण संवैधानिक संशोधन 117वाॅ बिल पास कराने व मा0 सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में उत्तर प्रदेश में आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा-3(7) को 15-11-1997 से बहाल कराने को लेकर आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र द्वारा कल लखनऊ सहित प्रदेश के अनेकों जनपदों में निकाले गये ‘आरक्षण बचाओ पैदल मार्च’ की समीक्षा के लिये संघर्ष समिति द्वारा बुलायी गयी प्रान्तीय कार्य समिति की बैठक में यह ऐलान किया गया है कि आगे भी जिलों में सम्मेलन, मोटर साइकिल रैली व जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेगा।

संघर्ष समिति के नेताओं ने आज दिल्ली हरियाणा, उत्तराखण्ड, मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, बिहार सहित अनेकों राज्यों के आरक्षण समर्थक कार्मिक नेताओं से बात की है। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक बड़ा साझा मंच बनाकर सभी राज्यों के कर्मचारी नेता दिल्ली कूच करेंगे, जिससे लम्बित पदोन्नति में आरक्षण बिल आगामी संसद सत्र में पास हो सके।

आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजकों में अवधेश कुमार वर्मा, केबी राम, डा रामशब्द जैसवारा, आरपी केन, अनिल कुमार, अजय कुमार, श्याम लाल, अन्जनी कुमार, लेखराम, प्रेम चन्द्र, अशोक सोनकर, चमन लाल, राकेश पुष्कर, श्रीनिवास राव, प्रभु शंकर राव ने एक सयुंक्त बयान में कहा कि कल लखनऊ में निकाले गये आरक्षण बचाओ पैदल मार्च के बाद यह सिद्ध हो गया है कि आरक्षण विरोधी आरक्षण समर्थकों के सामने टिकने वाले नहीं हैं।

संघर्ष समिति ने पुनः अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि पिछड़े वर्गों के लिये पदोन्नति में आरक्षण को जो कानून 13 जनवरी,1978 को मा. पूर्व मुख्यमंत्री स्व. राम नरेश यादव के कार्यकाल में लागू किया गया था। उसे 30 सितम्बर,1981 को मा. पूर्व मुख्यमंत्री बनारसी दास के कार्यकाल में समाप्त कर दिया गया था, उसे पुनः बहाल किया जाये। आज भी दलित व पिछड़े वर्ग के कार्मिक उच्च पदों पर नगण्य हैं।

उन्होंने कहा कि कल से पुनः पदोन्नति बिल पास कराने के लिये विभिन्न पार्टियों के नेताओं, मंत्रियों, सांसदों व विधायकों से मिलकर सहयोग मांगने का व्यापक अभियान पुनः शुरू किया जायेगा।

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