- अल्पिका, कलाश्रम और उ.प्र.संगीत नाटक अकादमी का संयुक्त आयोजन
- तीस को ‘महफिल-2018’ में विशिष्ट संस्मरणों के बीच प्रतिभागियों की प्रस्तुति
लखनऊ, 26 नवम्बर 2018: कथक का पर्याय बन चुके पद्मविभूषण बिरजू महाराज के मार्गदर्शन में चल रही कथक की सघन कार्यशाला ‘आंगिकम्-2018’ आज से संगीत नाटक अकादमी भवन गोमतीनगर में प्रारम्भ हो गयी। यह पंचदिवसीय कार्यशाला इस वर्ष अल्पिका लखनऊ, कलाश्रम दिल्ली और उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के संयुक्त प्रयासों से हो रही है। कार्यशाला शुभारम्भ के मौके पर आज यहां अकादमी भवन पूर्वाभ्यास कक्ष में अकादमी अध्यक्ष व पूर्व कुलपति भातखण्डे संगीत संस्थान विष्वविद्यालय पूर्णिमा पाण्डेय, अकादमी सचिव रूबीना बेग भी उपस्थित रहीं।
कार्यशाला संयोजिका उमा त्रिगुणायत व सहसंयोजिका नृत्यांगना रेनू शर्मा ने बताया कि कार्यशाला में स्थानीय व प्रदेश के अन्य शहरों के साथ ही मध्यप्रदेष, गुजरात व महाराष्ट्र आदि के प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं। महाराजजी के कहे अनुसार प्रतिभागियों के वर्ग तय करके उनका समय भी तय कर दिया गया है साथ ही आज से कार्यशाला की प्रारम्भिक कक्षाएं भी प्रारम्भ हो गई हैं। कल से स्वयं बिरजू महाराज और उनकी प्रमुख शिष्या शाष्वती सेन कक्षाओं में प्रशिक्षण प्रारम्भ करेंगी।
इस प्रस्तुतिपरक कार्यशाला के अंत में 30 नवम्बर को संत गाडगे प्रेक्षागृह गोमतीनगर में शाम पांच बजे से ‘महफिल-2018’ कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम में प्रतिभागियो की प्रस्तुति होगी साथ ही पंडित बिरजू महाराज कथक की बारीकियों और पुरानी बंदिशों के साथ अपने संस्मरण भी रखेंगे।







