लौह पुरुष की यह प्रतिमा देशवासियों को दृढ़ता, स्नेह, एकता और अखण्डता का सन्देश देगी

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  • मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल की दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा के लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया
  • जिस प्रकार बाबा साहब डाॅ बीआर आंबेडकर भारतीय संविधान के शिल्पी हैं, उसी प्रकार लौह पुरुष सरदार वल्लभ
लखनऊ, 31 अक्टूबर 2018: उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक ने पूर्व उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयन्ती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इस वर्ष सरदार पटेल की जयन्ती विशेष और अभूतपूर्व है, क्योंकि इस वर्ष उनकी जयन्ती पर नर्मदा नदी के तट पर उनकी 182 मीटर ऊँची ‘एकता की प्रतिमा’ (स्टैच्यू आॅफ यूनिटी) का लोकार्पण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार ऊँचाई में हिमालय का, पवित्रता में गंगा का, गहराई में समुद्र का सर्वोच्च स्थान है। इसी श्रेणी में लौह पुरुष सरदार पटेल की 182 मीटर ऊँची विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा ‘स्टैच्यु आॅफ यूनिटी’ भी शामिल हो गयी है। यह प्रतिमा भारतवासियों की ओर से लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल को श्रद्धांजलि है।
राज्यपाल जी आज यहां सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयन्ती के अवसर पर विधानभवन के समक्ष आयोजित ‘राष्ट्रीय अखण्डता दिवस’ कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।
इस मौके पर अपने विचार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभ भाई पटेल को भारत माता का महान सपूत बताते हुए कहा कि सरदार पटेल ने प्राचीन काल से ही सांस्कृतिक इकाई रहे भारतवर्ष की राजनीतिक एकता को साकार किया। उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति तथा प्रखर राष्ट्रभक्ति से ही भारत की वर्तमान राजनीतिक एकता सम्भव हुई। लौह पुरुष सरदार पटेल ने आजादी के समय अंगे्रजों की कुत्सित चालों को बेनकाब करने के साथ ही, देश की सांस्कृतिक सीमाओं को राजनीतिक सीमाओं में बदलने की दृढ़ इच्छाशक्ति दिखायी। उन्होंने अपनी संकल्प शक्ति के बल पर 562 देशी रियासतों को एकता के सूत्र में बाँधा। सम्पूर्ण देश आज लौह पुरुष सरदार पटेल को अपनी श्रद्धांजलि दे रहा है।
 मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जिस प्रकार बाबा साहब डाॅ. बीआर आंबेडकर भारतीय संविधान के शिल्पी है, उसी प्रकार लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल भारत गणराज्य के शिल्पकार है।

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