गोलागोकर्णनाथ खीरी, 29 सितम्बर 2018: इन दिनों वन विभाग की लापरवाही के चलते बाघों के दिन पर दिन मानव पर हमले बढ़ रहे हैं। जिससे आये दिन जंगल के समीपवर्ती गावों में शेर का शिकार हो रहे हैं। जबकि वन विभाग को जीवों के संरक्षण का जिम्मा दिया गया है।
बता दें कि गुरुवार को अलग-अलग स्थानों पर बाघों ने दो ग्रामीणों को अपना शिकार बनाकर लहूलुहान कर दिया। घायलावस्था में ग्र्रामीणों का इलाज चल रहा है, जिसमें एक की हालत काफी नाजुक है। गुस्साए ग्रामीणों ने चौकी पर हमला भी बोल दिया। तोड़फोड़, लूटपाट, आगजनी की गई। जनपद के आलाधिकारियों ने घटनास्थल पर डेरा डाला और किसी तरह गुस्साएं ग्रामीणों को शांत कराया।

जानकारी के मुताबिक महेशपुर रेंज के जंगल में अयोध्यापुर निवासी कन्हैया पर गुरुवार को बाघ ने हमला बोलकर अपना शिकार बनाने का प्रयास किया। शोर मचाने पर ग्रामीणों के पहुंचाने से बाघ उसे घायलावस्था में छोड़कर फरार हो गया। घायल के सिर में गम्भीर रुप से चोट आईं हैं। घायल को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।
वनविभाग व ग्रामीणों में हुआ जमकर मुकाबला:
घटना की खबर से आक्रोशित ग्रामीणों ने महेशपुर चौकी पहुंचकर जाम लगा दिया और चौकी को आग के हवाले कर दिया। वनविभाग के अधिकारियों व ग्रामीणों में जमकर मुकाबला भी हुआ। जिसमें ग्रामीणों की संख्या अधिक होने से लूटपाट, तोड़फोड़ की घटना हुई। दोनों पक्षों के बीच हुए संघर्ष में लगभग एक दर्जन ग्रामीणों के भी घायल होने की बात सामने आई है।
घंटों वनविभाग व ग्रामीणों के बीच हुए विवाद के बाद अपर पुलिस अधीक्षक, वनविभाग के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और गुस्साए ग्रामीणों का गुस्सा शांत कराया तथा आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। गुरुवार को भीरा रेंज के कुकरा-भीरा जंगल में दूसरा हादसा हुआ, जिसमें रामपाल (40) पुत्र भगवानदीन निवासी कुकरा टाउन अपने बहनोई के यहां जा रहा था। सुबह लगभग 7.30 बजे भीरा-कुकरा मार्ग रपटापुल के पास बाघ ने रामपाल पर हमला कर दिया। घायल को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।







